नई दिल्लीः कन्हैया कुमार और 9 अन्य पर मुकदमा चलाने की मंजूरी देने के केजरीवाल सरकार के फैसले पर बीजेपी ने निशाना साधा है. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने घटनाक्रम का स्वागत करने की बात कहते हुए कहा कि केजरीवाल सरकार ने मौजूदा राजनीतिक हालात को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया है. हम इसकी मांग करते आ रहे थे कि केजरीवाल सरकार इसकी मंजूरी दे और कानून को अपना काम करने दे.
Probably keeping current political situation in mind,CM @ArvindKejriwal has finally given sanction to prosecute formerJNUSU leader Kanhiya Kr in a sedition case.We welcome the decision.We had been demanding that the Kejriwal govt gave the approval& let the law take its own course https://t.co/ceEz8iKmqf
— Manoj Tiwari (@ManojTiwariMP) February 28, 2020
आपको बता दें कि बीजेपी लगातार यह आरोप लगाती आ रही है कि आम आदमी पार्टी की सरकार कन्हैया कुमार और अन्य लोगों को अभियोजन की स्वीकृति ना देकर मामले में कार्यवाही को रोक रही है. दिल्ली सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब चार दिनों तक राज्य में भारी हिंसा हुई और उसके एक आम आदमी पार्टी के पार्षद भी वायरल हो रहे विडियो में उपद्रवियों के साथ देखे गए.
बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसे 3 साल लटकाए रखा, लेकिन जनता के सामने आखिरकार उन्हें झुकना पड़ा. उन्होंने एक ट्वीट में कहा, ‘जनता के दबाव में, आखिरकार दिल्ली सरकार को जेएनयू मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति देने के लिए मजबूर होना पड़ा. 3 साल तक अरविंद केजरीवाल इसे टालते रहे लेकिन उन्हें जनता के सामने झुकना पड़ा.
लोगो के दबाव के कारण आखिर दिल्ली सरकार @AamAadmiParty को #JNU मामले में मुकदमा चलाने की अनुमति देनी पड़ी। 3 साल दिल्ली के मुख्यमंत्री @ArvindKejriwal यह अनुमति टालते रहे लेकिन आखिर उन्हें जनता के आगे झुकना पड़ा। @BJP4India @AmitShah @JPNadda
— Prakash Javadekar (@PrakashJavdekar) February 28, 2020
हालांकि आम आदमी पार्टी ने मामले में कार्यवाही अवरुद्ध करने के बीजेपी के आरोपों को खारिज किया है. आप विधायक और प्रवक्ता राघव चड्ढा ने कहा कि दिल्ली सरकार के विधि विभाग ने उचित विचार-विमर्श के बाद गृह विभाग को इस मामले में अपनी राय दी है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने 20 फरवरी को मंजूरी प्रदान की.
चड्ढा ने शुक्रवार को अपने बयान में कहा, ‘दिल्ली सरकार ने नीतिगत और सैद्धांतिक तौर पर ऐसे किसी मामले में हस्तक्षेप नहीं किया और ना करती है. हमारी सरकार ने पिछले पांच साल में किसी मामले में अभियोजन नहीं रोका है.’
उन्होंने इसे पूरी तरह प्रक्रियागत विषय बताते हुए कहा कि प्रत्येक मामले के गुण-दोषों पर न्यायपालिका को ही फैसला करना चाहिए. चड्ढा ने कहा, ‘सरकार ऐसे मामलों के गुण-दोषों पर फैसला नहीं करतीं.’
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने किसी मामले में अभियोजन को नहीं रोका है जिनमें उसके खुद के विधायकों और पार्टी नेताओं से जुड़ा मामला भी है.
बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने ताहिर हुसैन के मामले में भी केजरीवाल को घेरा. उन्होंने कहा कि हम सीएम से अपील करते हैं कि वह उत्तर-पूर्व दिल्ली में हुई हिंसा के आरोपी आप पार्षद ताहिर हुसैन को अरेस्ट कराने में मदद करें.
आपको बता दें कि ताहिर के खिलाफ मर्डर का केस दर्ज किया गया है और आप ने उसे निलंबित भी कर दिया है. दंगाइयों के साथ ताहिर का विडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी की आलोचना होने लगी थी.
मनोज तिवारी ने आगे ताहिर हुसैन की गिरफ्तार कराने की भी मांग की. तिवारी ने केजरीवाल से अपील की, ‘अब हम चाहते हैं कि केजरीवाल आप के पार्षद ताहिर हुसैन को अरेस्ट कराने में पुलिस की मदद करें ताकि उत्तर-पूर्व दिल्ली में हुए दंगे की साजिश और हिंसा भड़काने के पीछे के लोगों के नाम बाहर आ सकें.’
उल्लेखनीय है कि इससे पहले गुरुवार को केजरीवाल ने कहा था कि अगर उनकी पार्टी का नेता दंगे का दोषी पाया जाता है तो उसे दोगुनी सजा होनी चाहिए और मामले में राजनीति नहीं करनी चाहिए. इसके बाद तिवारी ने ट्वीट कर फिर केजरीवाल को निशाना बनाया था.
तिवारी ने लिखा, ‘दोगुनी सजा मतलब अब ताहिर के साथ-साथ उसके आका को भी सजा मिलनी चाहिए कड़ी से कड़ी . निर्धारित समयसीमा में इस केस के आरोपियों और साजिशकर्ताओं को फांसी की सजा मिलनी चाहिए. 400 बार चाकू से गोदना एक IB अफसर को ? धार्मिक असहिष्णुता ने आप को कितना गिरा दिया.’

