नई दिल्ली: देश की राजधानी की पुलिस को आज कल ‘दिल की पुलिस’ के नाम से भी जाना जाने लगा है. कोरोना काल के दौरान निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करने की वजह से लोगों ने दिल्ली पुलिस को ये नाम दिया है.
लोगों की सेवा के दौरान दिल्ली पुलिस के हजारों ऐसे जवान थे जो कोरोना से संक्रमित हुए थे. इसमें कुछ बड़े अधिकारियों के नाम भी शामिल थे. लेकिन अपनी मजबूत इच्छाशक्ति की वजह से अधिकतर जवानों ने कोरोना से हराकर जंग जीत ली.
कोरोना से ग्रस्त होने के बाद भी इन पुलिसकर्मियों का जज्बा कम नहीं हुआ और अस्पताल के छुट्टी मिलने के कुछ दिनों बाद ही जवानों ने फिर ड्यूटी शुरू कर दी.
अगर आंकड़ों की बात करें तो दिल्ली पुलिस के करीब 2500 जवान कोरोना से संक्रमित हुए थे. जिन्हें कोरोना वॉरियर नाम भी दिया गया था. लेकिन अब दिल्ली पुलिस के इन्हीं कोरोना वॉरियर्स को हथियार की तरह कोरोना के खिलाफ इस्तेमाल किया जाएगा.
दिल्ली पुलिस जल्द ही प्लाज्मा डोनेशन के लिए अभियान शुरू करने वाली है. अधिकारियों के अनुसार जल्द ही दिल्ली एम्स में ‘प्लाज्मा वॉरियर’ के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले एक प्लाज्मा बैंक शुरू करने की तैयारी करने जा रही है ताकि किसी भी जरूरतमंद को प्लाज्मा थैरेपी देकर उसकी जान बचाई जा सके.
अधिकारियोां ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले दिन 26 पुलिसकर्मियों द्वारा प्लाज्मा डोनेट किया. जिसके बाद आने वाले हफ्ते में 650 से ज्यादा पुलिसकर्मी अपना प्लाज्मा डोनेट करेंगे. इसे अभियान को ‘सुपर कोरोना वॉरियर’ नाम दिया गया है.

