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खनन रॉयल्टी को 14 से बढ़ाकर 20प्रतिशत करने की मांग

by bnnbharat.com
February 29, 2020
in समाचार
खनन रॉयल्टी को 14 से बढ़ाकर 20प्रतिशत करने की मांग
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अमित शाह की अध्यक्षता में भुवनेश्वर में पूर्वी आंचलिक परिषद की 24वीं बैठक
रांची: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज ओड़िशा के भुवनेश्वर में हुई पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक हुई. इस बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अनुपस्थिति में वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव शामिल हुए.

रामेश्वर उरांव ने बताया कि देशके भंडार का 26फीसदी कोयला झारखंड में है, विभिन्न कोल कंपनियां खनन कार्य कर रही है, इस खनन के कई नकारात्मक प्रभावों, विस्थापन, कृषि योग्य भूमि का क्षरण , जल व वायु प्रदूषण जनित स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. परंतु रॉयल्टी के रूप में राज्य को बहुत कम राशि प्राप्त होती है. अभी रॉयल्टी की दर 14 प्रतिशत है, इसे वर्ष 2012 के बाद पुनरीक्षित नहीं किया गया है. इसलिए रॉयल्टी की इस दर को बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया जाए तथा निर्धारित समयाविध में इसके रिविजन की कार्रवाई की जाए.

उन्होंने यह भी मांग की कि कोल इंडिया की सभी कंपनियां द्वारा कोयले का खनन किया जा रहा है,उसे डिस्पैच करने के पहले वाशरियों में प्रोसेस किया जाता है, जिससे कोयले की बिक्री दर में बढ़ोतरी होती है, इसलिए एमएमडीआर एक्ट के तहत राज्य सरकार को धुलाई की गयी कोयले की बिक्री दर पर रॉयल्टी का भुगतान किया जाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होने से 2200 करोड़ रुपये राजस्व की हानि हुई है.

रामेश्वर उरांव ने बताया कि एक अनुमान के तहत कोल इंडिया द्वारा अब तक 50हजार एकड़ सरकारी भूमि का उपयोग खनन के लिए किया गया, जिसका भुगतान सरकार को करना चाहिए था, लेकिन अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है. उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए विशेष केंद्रीय सहायता नामक योजना को पांच वर्षां के लिए जारी रखने की अपील की.
रामेश्वर उरांव ने यह कहा कि साहेबगंज में गंगा नदी पर चार लेन पुल निर्माण की योजना को स्वीकृति दी गयी, प्रधानमंत्री ने 6अप्रैल 2017 को इसका उदघाटन भी किया, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य चालू नहीं हुआ.

उन्होंने मनरेगा मजदूरी में बढ़ोत्तरी की मांग की.
मंत्री रामेश्वर उरांव ने बताया कि जीएसटी के अंतर्गत क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान राज्य सरकार को अब तक हो जाना चाहिए था, लेकिन दिसंबर व जनवरी तक अभी तक क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान नहीं किया गया.वहीं अक्टूबर और नवंबर महीने में भी आकलित 437 करोड़ के विरूद्ध मात्र 247करोड़ का भुगतान ही प्राप्त हुआ, इस प्रकार जनवरी 2020 तक क्षतिपूर्ति राशि का 488 करोड़ का बकाया हो गया है.

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