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किसान आंदोलन को लेकर एकजुटता का प्रदर्शन

रांची:- राजभवन के समक्ष किसान मजदूर पड़ावशुरू,किसान आन्दोलन के लिए करो या मरो का लिया शपथ, आजाद हिन्द किसान दिवस के मौके पर आज हजारों किसानों मजदूरों ने राजभवन के सामने जुट कर देश में चल रहे किसान आन्दोलन के साथ एकजुटता व्यक्त की

दिनांक 23 जनवरी को आजाद हिन्द किसान दिवस के अवसर पर झारखंड राज्य किसान संघर्ष समन्वय समिति द्वारा झारखंड राजभवन के समक्ष  किसान विरोधी कानून एवं मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ किसान मजदूर पड़ाव किया गया. पड़ाव में भारी संख्या में किसान मज़दूर उपस्थित थे. किसान विरोधी कानून वापस लो, मजदूर विरोधी नीति रद्द करो आदि नारे लग रहे थे. सर्व प्रथम किसान आंदोलन में 147 शहीद  किसानों को  श्रद्धांजलि   दिया गया.इस अवसर पर आयोजित पड़ाव को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा किसान विरोधी कानून  के खिलाफ देश व्यापी आंदोलन एतिहासिक आन्दोलन जारी रहेगा,नेताजी सुभाष जयंती पर   किसान आंदोलन के लिए खून वो जान  देने का शपथ लिया गया.किसान पड़ाव,25 जनवरी तक जारी रहेगा.26 जनवरी को राष्ट्र ध्वज के साथ किसान परेड  का घोषणा किया जाएगा , वक्ताओं ने  कहा  कि कृषि कानून की वापसी तक आन्दोलन जारी रहेगा. अध्यक्षता 5 सदस्यीय  मिथलेश सिंह, श्यामसुंदर महतो,सुरेश मुंडा, प्रफुल्ल लिंडा,बिणा लिंडा शामिल थे. झारखंड राज्य किसान संघर्ष समन्वय समिति के राज्य  संयोजक सुफल महतो ने किसान आन्दोलन में शहीद हुए 147 किसानों को श्रद्धांजलि देते हुए शोक प्रस्ताव पेश किया.

सीटू महासचिव प्रकाश विप्लव,सीटू अध्यक्ष मिथलेश सिंह, नौजवान सभा के राज्य अध्यक्ष सह प्रमुख सुरेश मुंडा, आदिवासी अधिकार मंच के महासचिव प्रफुल्ल लिंडा, आदिवासी मूलवासी अस्तित्व रक्षा मंच के दयामनी बारला, सिक्ख फेडरेशन के ज्योति मथारू,सीटू के आर,पी सिंह,आ र,,के गोराए,महेश मुंडा, अनिवार्य बोस,भवन सिंह, छात्र नेता विप्लव चौधरी, अमित मुंडा,किसान नेता श्यामसुंदर महतो, बिरेंद्र कुमार,महिला नेत्री बिणा लिंडा, आदिवासी नेता सुखनाथ लोहरा,युवा नेता सुभाष मुंडा एटक नेता अजय सिंह, एक्टू नेता भुवनेश्वर केंवट, बिजय वर्मा,चारों भगत,जगदीश महतो,शंकर उरांव,जेपी सिंह, रामदेव सिंह,आदि ने संबोधित किया.इस पड़ाव से एक प्रस्ताव पारित कर अडवाणी एवं अंबानी के उत्पादों का वहिष्कार करने का आव्हान किया गया.