दुमका: झारखंड में दुमका जिले की उपायुक्त और भारतीय प्रशासनिक सेवा (भाप्रसे) की अधिकारी राजेश्वरी बी लॉकडाउन में समस्याओं को दरकिनार कर स्वयं अपने पति का बाल काटने से संबंधित तस्वीर सोशल मीडिया ट्विटर पर पोस्ट कर चर्चा में आ गयीं हैं. उपायुक्त के इस प्रयास की खूब तारीफ भी हो रही है. उपायुक्त राजेश्वरी बी का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से अपने-अपने घरों में रहने के कारण लोगों के लिए यह समय शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी काफी भारी पड़ रहा है. इस खाली समय में लोगों को कुछ नया करने का प्रयास करना चाहिए. इससे सभी लोग समाज को सकारात्मक संदेश दे सकते है.
उपायुक्त राजेश्वरी बी ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में कहा कि लॉकडाउन की वजह से सैलून एवं पार्लर बंद होने से आम लोग कुछ शर्तों के साथ इसे खोलने की मांग कर रहे थे. लेकिन सोशल डिस्टेंसिग के नियमों के अनुपालन को ध्यान में रखते हुए सैलून या पार्लर खोलने की छूट देना संभव नहीं था. इससे प्रेरित होकर उन्होंने स्वयं अपने पति सूरज भगत का बाल काटने का प्रयास किया जिसमें वे सफल रहीं. उनका मानना है कि मन से कोई भी कार्य करने का प्रयास और अभ्यास किया जाय तो समय के सदुपयोग के साथ हम अपनी जरूरतों को पूरा कर सकते हैं.
उपायुक्त ने अपने इस कार्य से दूसरों पर निर्भर रहने वाले समाज के लोगों को अपना कार्य स्वयं करने का संदेश पहुंचाने का सफल प्रयास कर रही हैं. दुमका की उपायुक्त ने अपने पति का बाल कटिंग करती कुछ तस्वीर अपने ट्विटर पर शेयर किया है जिसमें वे महाराष्ट्र के ठाणे निवासी अपने पति सूरज भगत खुद बाल काट रही हैं. ट्विटर पर यह तस्वीर शेयर करने के संबंध में उपायुक्त कहती हैं कि यह उनके लिए पहला अनुभव और प्रयास था. उन्होंने अपने काम को बहुत ही बेहतर तरीके से किया.
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उपायुक्त राजेश्वरी बी की इस तस्वीर को लोग बेहद पसंद भी कर रहे हैं. उनका कहना है कि लॉकडाउन की वजह के लोगों को कई तरह की परेशानी हो रही है. लोगों के दिनचर्या के कई जरूरी काम नहीं कर पा रहे हैं. लोग कई सुविधाओं में रियायत देने की मांग करते रहे हैं. इसे लेकर सोशल मीडिया में भी कई तरह के मजाकिया संदेश वायरल हो रहे हैं. इन्हीं संदेशों प्रेरित होकर इन संदेशों को सकारात्मक रूप में लेकर उन्होंने एक प्रयास किया है. उनका यह भी कहना है कि मौजूदा हालात में छोटी-छोटी सतर्कता बेहद जरूरी है. विशेष कर वैसे काम जिन्हें हम खुद कर सकते हैं. शुरुआती दौर में यह भले ही कठिन लगता हो ,लेकिन प्रयास करने से उसमें सफलता अवश्य मिलती है.

