BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

भूमि अधिग्रहण व मुआवजे को लेकर उत्पन्न विवाद का जड़ से निदान करेंगे, होगा विस्थापन आयोग का गठन: मुख्यमंत्री

by bnnbharat.com
March 18, 2020
in Uncategorized
भूमि अधिग्रहण व मुआवजे को लेकर उत्पन्न विवाद का जड़ से निदान करेंगे, होगा विस्थापन आयोग का गठन: मुख्यमंत्री

भूमि अधिग्रहण व मुआवजे को लेकर उत्पन्न विवाद का जड़ से निदान करेंगे, होगा विस्थापन आयोग का गठन: मुख्यमंत्री

Share on FacebookShare on Twitter

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य सरकार आजादी के बाद से ही विभिन्न लोक उपक्रमों, डैम और खनन कार्यों के लिए की गयी भूमि अधिग्रहण के बाद मुआवजे तथा पुनर्वास को लेकर उत्पन्न विवाद का जड़ से निदान करेगी. उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही विस्थापन आयोग का गठन करने जा रही है और वर्षों से चले आ रहे विवाद एवं समस्याओं के निदान की कोशिश की जाएगी.

Also Read This: माता वैष्णो देवी की यात्रा बंद, मरीजों की संख्या 1 लाख 94 हजार से अधिक 

विधानसभा में बुधवार को कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद के एक ध्यानाकर्षण सूचना पर हस्तक्षेप करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कई बड़े उद्योगों की स्थापना, डैम और खनन कार्यों के लिए भूमि अधिग्रहण से काफी संख्या में लोग विस्थापित हुए है, अब भी लगातार शिकायतें मिल रही है. कुछ मामले तो 25-30 वर्ष पुराने है. तब कौड़ियों के भाव में भूमि अधिग्रहण की गयी, लेकिन अब ग्रामीणों का परिवार बढ़ा और लोग सजग हुए है इस कारण भूमि अधिग्रहण को लेकर कहीं न कहीं रोष भी है.

केंद्र सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को संसद में पारित कराया, जिसमें अधिग्रहण के एवज में उचित मुआवजा का प्रावधान था, लेकिन राज्य में पूर्ववर्ती सरकार में इस कानून की बड़े पैमाने पर अवहेलना हुई. इन समस्याओं के निदान के लिए सरकार विस्थापन आयोग का गठन करने जा रही है.

Also Read This: सोशल मीडिया पर ट्रोल हुईं नेहा धूपिया, अब दिया जवाब 

वहीं विधायक अम्बा प्रसाद ने कहा कि एक ओर गोड्डा के विस्थापितों को प्रति एकड़ 55 लाख रुपये और पुनर्वास पैकेज मिल रहा है. वहीं उनके विधानसभा क्षेत्र में प्रति एकड़ मात्र 22 लाख रुपये ही मिल रहा है और पुनर्वास की राशि भी नहीं दी जा रही है, जबकि विस्थापितों की समस्याओं को उठाने के कारण ही उनके पिता और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव तथा मां सह पूर्व विधायक निर्मला देवी समेत हजारों ग्रामीणों पर अलग-अलग केस दर्ज कर दिया गया है.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

स्कूलों का निर्णय, 5वीं कक्षा तक के बच्चे बिना परीक्षा दिए होंगे पास

Next Post

पूर्व की सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून की घोर अवहेलना की है: हेमंत सोरेन

Next Post
पूर्व की सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून की घोर अवहेलना की है: हेमंत सोरेन

पूर्व की सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून की घोर अवहेलना की है: हेमंत सोरेन

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d