रामगढ़: 08 अप्रैल को भी इस दुख के घड़ी में COVID-19 से फैले भयंकर महामारी के कारण लॉकडाउन को देखते हुए दहेज मुक्त झारखण्ड के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता, संरक्षक अन्नु सिन्हा और राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो के जिला अध्यक्ष कबीर क्याल ने रामगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्र में 1200 जरूरतमंदों तक खीर, पूरी पहुंचाने के लिए 2 ग्रुप निकाला गया.
जिसमें पहला ग्रुप रामगढ़ पोचरा मुंडा तोला, पतरातू बस्ती करमाली तोला ओर कई क्षेत्र में भ्रमण किया और जरूरतमंद लोगों तक खीर पूरी बांटा गया.
उधर, दूसरा ग्रुप गंडके ओर चेटर बस्ती, ललकि घाटी के विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक दूरी को देखते हुए जरूरतमंद लोगों को पूरी-खीर वितरण किया गया. दहेज मुक्त झारखण्ड और मानवाधिकार के पूरे टीम को होटल पंचवटी के मालिक ने अपना किचेन सौंप दिया है.
संरक्षक अन्नू सिन्हा ने कहा कि भूखे को खाना खिलाना मतलब भगवान को खिलाना है. समाज सेवक छोटन सिंह का कहना है कि कोरोना जैसी महामारी में लॉकडाउन होने पर मजदूर कही काम पर नहीं जा पा रहे है. इसलिए यह पेट भरने का काम हमलोगों ने लोगों के सहयोग से शुरू किया.
दहेज मुक्त झारखण्ड के राष्ट्रीय संस्थापक डॉ आनन्द कुमार शाही एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष बिजय प्रसाद ने कहा कि टीम इस दुःख की घड़ी में हम जनता के साथ है. हमलोग यह काम जो शुरू किए है यह अभी लगातार चलेगा.
समाज सेवक नीरज मंडल, श्याम अग्रवाल, सोनू साव और बबलू जैन ने कहा कि इस नेक काम में आप सभी भाई बहन आगे आए. जिससे जो बने वह हमारे संस्था को दे सकते है. हमलोग गरीब जनता के बीच गांव गांव जाकर वितरण कर रहे है.
दहेज मुक्त झारखण्ड के इस कार्यक्रम में अरविंद मेहता, कुणाल मोदी, अंकित सिंह, अमन अग्रवाल, शशि साहू, सुमित साव, सुनील साव श्याम अग्रवाल, श्याम लाल गोयल, शशिकांत प्रसाद मौजूद रहे.

