रांची: कोरोना काल का प्रभाव लगातार जिला में होने वाले कार्यों में दिख रहा है. सारे अधिकारी व कर्मचारी कोरोना महामारी को काबु पाने में लगे हुए हैं. इस कारण रांची जिला में म्यूटेशन का कार्य पूरी तरह से बंद है. म्यूटेशन पिछले चार माह से बंद है.
रांची जिले में लंबित म्यूटेशन की संख्या लगभग 191005 है. इनमें 783 म्यूटेशन 30 दिनों से पहले जमा हुए हैं. जबकि, 91805 म्यूटेशन किसी न किसी कारणवश अस्वीकृत कर दिये गये हैं. लंबित म्यूटेशन की संख्या सबसे अधिक नामकुम प्रखंड में है. यहां 39966 म्यूटेशन के आवेदन लंबित हैं.
जबकि, दूसरे नंबर पर कांके प्रखंड है. यहां म्यूटेशन के 38830 आवेदन लंबित हैं. वहीं, लापुंग प्रखंड में सबसे कम 451 आवेदन लंबित हैं. यही नहीं, आवेदन में सुधार भी नहीं हो रहा है. उधर, निबंधन कार्यालय में भी रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या लगातार कम हो रही है. पिछले दो दिनों में एक भी रजिस्ट्री नहीं हुई है.
कर्मचारियों की उपस्थिति भी कमः
शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा होता देख समाहरणालय में कर्मचारियों की उपस्थिति भी कम है. मात्र 30 प्रतिशत कर्मचारी ही कार्यालय आ रहे हैं. अधिकतर कर्मचारी घर पर ही रहकर कार्याें का निपटारा कर रहे हैं.
किसी तरह के आवेदन गेट पर बने ड्राॅप बाॅक्स पर ही डालेंः
किसी भी तरह के आवेदन लेकर सीधे कर्मचारियों के पास जाने से पूरी तरह से मनाही है. इसके लिए मुख्य गेट पर ड्राॅप बाॅक्स लगा दिया गया है जिसमें विभाग से संबंधित आवेदन जमा करने हैं.
रांची जिले में म्यूटेशन के लंबित मामले इस प्रकार हैंः
- अनगड़ा-3848
- अरगोड़ा-8817
- इटकी-2034
- ओरमांझी-10262
- कांके-38830
- खलारी-805
- चान्हो-3687
- तमाड़-1272
- नगड़ी-16426
- नामकुम-39966
- बड़गाईं-11178
- बेड़ो-3652
- बुढ़मू-2458
- बुंडू-3205
- मांडर-3912
- रातु-16984
- राहे-713
- लापुंग-451
- शहर-6305
- सिल्ली-2037
- सोनाहातु-1713
- हेहल-9447

