BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

बिजली की आंख मिचौली से धनबादवासी बेहाल, 24 घंटे में मात्र 4-5 घंटे ही मिलती है बिजली

by bnnbharat.com
June 11, 2019
in Uncategorized
बिजली की आंख मिचौली से धनबादवासी बेहाल, 24 घंटे में मात्र 4-5 घंटे ही मिलती है बिजली

बिजली की आंख मिचौली से धनबादवासी बेहाल, 24 घंटे में मात्र 4-5 घंटे ही मिलती है बिजली

Share on FacebookShare on Twitter

धनबाद : देश को धनबाद कोयलांचल उर्जा देने का काम करता है, लेकिन दुर्भाग्य है कि धनबाद के लोगों को ही बिजली की आंख मिचौली से आये दिन परेशान होना पड़ता है. बच्चों की पढाई से लेकर इसका असर व्यवसाय पर भी पड़ रहा है. उमस भरी इस गर्मी में लोग एक तरफ जहां मौसम की मार झेल रहे हैं, वहीं विभाग भी रुलाने का काम कर रही है. जीरो कट बिजली आपूर्ति का दावा करने वाली विभाग की पोल खुलती नज़र आ रही है. इसको लेकर आम से खास और गृहणी से लेकर व्यवसाई सभी परेशान हैं. यह अजीब त्रासदी है कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे थर्मल पावर स्टेशनों तक धनबाद से कोयले की आपूर्ति होती है. आस-पड़ोस के जिलों में डीवीसी के थर्मल पवार स्टेशनों का जाल बिछा हुआ है. इसके बावजूद धनबाद के कारोबार, उद्योग धंधे, बिजली की गाज गिरते रहती है.

उमस भरी गर्मी में कोयलांचल में बिजली की मार से धनबाद वासियों का जीना मुहाल हो चुका है. आये दिन बिजली की आंख मिचौली से जहां छात्र-छात्राएं काफी परेशान हैं, वहीं कोयलांचल का व्यापार बिजली के कारण पूरी तरह ठप हो चुका है. बिजली संकट से त्रस्त उपभोक्ता अब इस लड़ाई को फेसबुक में भी शामिल कर चुके हैं. साथ ही उपभोक्ता बड़े आंदोलन का भी मूड बना रहे हैं. समाचार-पत्रों में विज्ञापन और फिर फेसबुक पर छिड़ी बहस ने बिजली संकट के मुद्दे को नया मोड़ दे दिया है.

मोमबत्ती युग में जीने को मजबूर हैं लोग

धनबाद वासियों की मानें तो उनका साफ तौर पर कहना है कि उपभोक्ता बिजली बिल का भुगतान करने के बाद भी मोमबत्ती युग में जीने को मजबूर है. औद्योगिक नगरी के उपभोक्ता केंद्र के बाद झारखण्ड में बनी भाजपा सरकार से अच्छे दिन की उम्मीद लगाये बैठे हैं. मुख्यमंत्री रघुवर दास के लिए बिजली संकट बड़ी चुनौती के रूप में सामने आया है. अब देखना यह है कि आम उपभोक्ता, लघु उद्योग, व्यापार एवं छात्रों को इस अभूतपूर्व बिजली संकट से कब निजात मिलती है.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

खेलते-खेलते 150 फीट गहरी खाई वाले बोरवेल में जा गिरा 2 साल का बच्चा, 109 घंटे बाद बचाया

Next Post

दो गुटों में बंटा राजद, गुटबाजी से पार्टी को उबारना सबसे बड़ी चुनौती

Next Post
दो गुटों में बंटा राजद

दो गुटों में बंटा राजद, गुटबाजी से पार्टी को उबारना सबसे बड़ी चुनौती

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d