नई दिल्ली: फेसबुक ने इस साल अबतक 5 अरब 40 करोड़ फेक अकाउंट्स को बंद किया है. सोशल मीडिया पर हेराफेरी और भ्रामक या गलत जानकारी के खिलाफ लड़ाई के तौर पर देखा जा रहा है.
फेसबुक ने अपनी नई ट्रांसपरेंसी रिपोर्ट में कहा है, ”हमने फेक और अपमानजनक खाते बनाने के प्रयासों का पता लगाने और उनको रोकने की अपनी क्षमता में सुधार किया है.”
तकनीक की दुनिया की इस दिग्गज कंपनी का कहनी है, ”हम अपनी तकनीक का इस्तेमाल कर हर दिन नकली खाते बनाने के लाखों प्रयासों को रोकते हैं.”
इस साल की दूसरी और तिसरी तिमाही में फेसबुक पर मौजूद कुल अकाउंट्स का करीब 5 फीसदी फेक अकाउंट थे.
फेक अकाउंट्स उनको कहते हैं कि किसी ऐसे व्यक्ति या संस्था का अकाउंट जिसका असतित्व ही नहीं है.
बता दें कि सामाजिक या राजनीतिक एजेंडे के लिए लोगों को धोखा देने के लिए तैयार किए गए फेक अकाउंट, जहां से सूचनाएं भेजी जा रही हैं, उनका पता लगाने के लिए फेसबुक ने बहुत अधिक निवेश किया है.
फेसबुक की इस ट्रांसपरेंसी रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सरकार की ओर से यूजर्स के बारे में सूचनाएं मागने का अनुरोध इस साल नई ऊंचाई पर पहुंच गया है. इसमें अमरीका सबसे आगे है.
रिपोर्ट कहती है कि इस साल की पहली छमाही में इस तरह के अनुरोध 16 फीसदी बढ़कर 128,617 हो गए हैं.
इस तरह की सूचनाएं मांगने में अमरीका सबसे आगे हैं. इस सूची में भारत दूसरे नंबर है. तीसरे, चौथे और पांचवे स्थान पर क्रमश: ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक अमरीका ने 82 हजार 461 अकाउंट की जानकारी मांगने के लिए लेकर 50 हजार 741 अनुरोध किए.
फेसबुक का कहना है कि इस तरह के अनुरोधों की वैधता का पता लगाने के लिए वह सरकारों के हर अनुरोध की विस्तृत जांच-पड़ताल करता है.
इस रिपोर्ट में आतंकवाद को रोकने, घृणा, आत्महत्या, चाइल्ड पोर्न और ड्रग से जुड़े मामलों को रोकने के लिए उठाए कदमों की भी विस्तृत जानकारी दी गई है.

