छत्तीसगढ़(बिलासपुर): जरहागांव क्षेत्र के तराईगांव निवासी युवक ने अंधविश्वास व तंत्र-मंत्र के चक्कर में अपनी 12 माह की बेटी की बलि चढ़ा दी. उसने हंसिया से गला रेतकर मासूम की हत्या कर दी. मामला सामने आने पर पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
जरहागांव थाना प्रभारी कविता धुर्वे ने बताया कि घटना ग्राम तराईगांव की है. शाम करीब सात रंजीत पटेल (30) की पत्नी अपनी तीन वर्षीय बेटी को लेकर शौच कराने गई थी.
इस बीच रंजीत ने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया. अंदर सिर्फ उसकी 12 माह की बेटी कोयल थी. फिर हंसिया से गला रेतकर बच्ची की हत्या कर दी.
बताया जा रहा है कि अंधविश्वास व तंत्र-मंत्र के चक्कर में उसने अपनी बेटी की बलि चढ़ा दी. रात में ही मृतक बच्ची के दादा ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी. खबर मिलते ही पुलिस गांव पहुंची और आरोपित को हिरासत में ले लिया.
शुक्रवार को पुलिस ने मासूम बच्ची के शव का पंचनामा व पोस्टमार्टम के बाद परिजन को सौंप दिया. पुलिस ने आरोपित के खिलाफ हत्या का अपरा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
आरोपित रंजीत के पिता ने पुलिस को बताया कि उसे बच्ची की चीख-चीखकर व रोने की आवाज सुनाई दी. जब वह कमरे के पास पहुंचा, तब तक बच्ची की आवाज बंद हो गई थी. इस पर उसे संदेह हुआ. उसने दरवाजा खुलवाया, तब मासूम की खून से लथपथ लाश पड़ी थी. इस पर उसने घटना की सूचना आसपास के लोगों के साथ ही पुलिस को दी.
पुलिस की पूछताछ में आरोपित रंजीत ने स्वीकार करते हुए कहा कि देवी ने उससे बेटी की बलि मांगी थी. इसके चलते हंसिया से गला रेतकर उसकी बलि चढ़ा दी. पुलिस ने आरोपित से वारदात में प्रयुक्त हंसिया जब्त कर लिया है.
जरहागांव थाना प्रभारी ने बताया कि अंधविश्वास में आकर पिता ने अपनी मासूम बेटी का हंसिया से गला रेत दिया. इस घटना की सूचना मिलने के बाद हत्या का अपरा दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

