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साहेबगंज,बोकारो, धनबाद व रामगढ़ में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान की शुरुआत

रांची. फाइलेरिया उन्मूलन के लिए साहिबगंज, बोकारो, धनबाद और रामगढ़ जिले में आज से 27 फरवरी तक चलने विशेष अभियान की शुरुआत हुई.  मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कार्यक्रम  में लोगों को फाइलेरिया रोधी दवाएं प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा मुफ्त में खिलाई जाएगी.  स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने  कहा कि राज्य सरकार फाइलेरिया उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है. बन्ना गुप्ता ने लोगों से फाइलेरिया रोधी दवाएं, प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों के सामने ही सेवन करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की सफलता लोगों के बीच सरकार की विश्वसनीयता और सरकार के कार्य करने की पद्धति पर आधारित है.उन्होंने कहा कि रोग को भगाना है, रोगी को बचाना है तथा स्वस्थ एवं समृद्ध झारखण्ड की परिकल्पना को साकार करना है. उन्होंने कहा कि इस बात पर विशेष ध्यान रखा जाये की कोई भी व्यक्ति खाली पेट दवा बिलकुल न खाएं. उन्होंने कहा कि एमडीए कार्यक्रम में 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिला और अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को छोड़कर सभी लोगों को उम्र के अनुसार, फाइलेरिया रोधी दवाओं की खुराक प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वार खिलाई जाएगी.

इधर, फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत बोकारो जिले में ‘मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान’ का शुभारंभ सोमवार को सदर अस्पताल सभागार में मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त  जय किशोर प्रसाद, सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार पाठक व अन्य चिकित्सा पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर एवं फाइलेरिया की दवा खाकर किया. इस दौरान उप विकास आयुक्त ने आम लोगों से फाइलेरिया की दवा खाने के लिए अपील की. उन्होंने कहा कि फाइलेरिया को जड़ से खत्म करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है. यह अभियान 22 से 27 फरवरी तक चलेगा. पहले तीन दिन बूथ पर एवं शेष तीन दिन डोर टू डोर जाकर डीईसी एवं एल्बेंडाजोल की दवा दी जाएगी. उन्होंने स्वयं दवा खाने के साथ ही दूसरे लोगों को भी दवा खाने के लिए जागरुक करने को कहा. यह दवा पूरी तरह से सुरक्षित है. इस दवा को कोई भी व्यक्ति खाली पेट न खाएं, बल्कि खाना खाने के बाद ही इस दवा का सेवन करें. सभी विभाग समन्वय बनाकर इसको सफल बनाएं. उन्होंने कहा कि इस बार वैक्सीनेटरों को दवा का सेवन सामने कराने को कहा गया है. ताकि लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा किया जा सके. 

मौके पर उपस्थित सिविल सर्जन डा. अशोक कुमार पाठक ने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए माइक्रोप्लान तैयार किया गया है. जिले में 23 लाख 63 हजार 089 लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाये जाने के लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए जिले में कुल 1843 बूथ बनाया गया है. इन सभी टीमों के सुपरविजन के लिए 472 टीमें काम करेंगी. वहीं, ब्लॉक स्तर पर 10 टीम रैपिड एक्शन के लिए बनाई गई हैं. जो इस पूरे कार्यक्रम के सफलता के लिए कार्य करेंगी. यह दवा सभी लोगों को भोजन करने के बाद दिन में 11 बजे से 5 बजे के बीच खिलाई जाएगी. इसमें डीईसी एवं एलबेंडाजोल की गोलियां भी दी जाएगी. 2 से 5 वर्ष की उम्र तक के बच्चों को डीईसी की एक गोली व एलबेंडाजोल की एक गोली, 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो गोली एवं एलबेंडाजोल की एक गोली व 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन गोली एवं एलबेंडाजोल की एक गोली दी जाएगी. यह दवा दो वर्ष से से कम बच्चों, गर्भवती महिलाओं व गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्तियों को नहीं खिलाई जानी है. 

इस अवसर पर चिकित्सा पदाधिकारियों के साथ, प्रिंट एवं ईलेक्ट्रानिक मीडिया के प्रतिनिधियों, जिला जनसंपर्क कार्यालय के कर्मियों, स्वास्थ्य कर्मियों आदि ने भी दवा का सेवन किया.

इस दौरान सदर अस्पताल उपाधीक्षक   रेणु भारती, जिला भी.बी.डी. पदाधिकारी   नितेन्द्र प्रसाद सहित स्वास्थ्य कार्यालय के कर्मी एवं अन्य उपस्थित थे.

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