रांची: नगर विकास विभाग ने रांची की यातायात समस्या से निजात पाने की कवायद शुरू कर दी है. इसके लिए अगले पांच वर्ष के संभावित यातायात गतिविधि को ध्यान में रख कर कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया गया है.
नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह ने यह निर्देश दिया है. 20 जनवरी सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में सचिव कक्ष में रातू रोड एवं हरमू एकीकृत फ्लाई ओवर के निर्माण से संबंधित बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता प्रधान सचिव श्री सिंह ने की.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), राज्य पथ निर्माण विभाग, नगर विकास एवं जुडको की संयुक्त बैठक में एकीकृत फ्लाई ओवर के निर्माण पर चर्चा हुई.
बैठक में एनएचएआई के क्षेत्रीय पदाधिकारी विजय श्रीवास्तव ने प्रधान सचिव से कहा कि फ्लाई ओवर के निर्माण के क्रम में सड़क पर पहले से मौजूद यूटिलिटी (बिजली के तार, पेयजल पाइप, विभिन्न प्रकार के केबल) को राज्य सरकार शिफ्ट कराये. लेकिन प्रधान सचिव सिंह ने कहा कि यूटिलिटी शिफ्टिंग और फ्लाई ओवर का निर्माण कार्य एक ही संवेदक एजेंसी से कराया जाये. अलग अलग कराने से योजना के निर्माण में अनावश्यक विलंब होगा. डीपीआर पहले ही संशोधित किया जा चुका है. अब कोई बाधा नहीं है.
सिंह ने निर्देश दिया के कम से कम परेशानी में लोगो को ज्यादा से ज्यादा सुविधायें दी जाये. रातू रोड एवं हरमू में बिजली की अंडर केबलिंग का काम विभाग करके बिजली विभाग को देगा.
प्रधान सचिव सिंह ने बैठक में उपस्थित परामर्शी रोडिक के प्रतिनिधि बीके झा को निर्देश दिया कि एकीकृत फ्लाई ओवर के निर्माण की लागत नगर विकास एवं एनएचएआई का अलग अलग तय कर राशि का ब्यौरा उपलब्ध कराया जाये.
नगर विकास विभाग एवं एनएचएआई को कितना कितना खर्च करना होगा. इसे अविलंब उपलब्ध कराया जाये. अरगोड़ा चौक पर फ्लाई ओवर से जोड़ते हुये पुंदाग एवं कडरू साइड पर दो लेन का एलिवेटेड काॅरिडोर भी बनेगा.
प्रधान सचिव ने इस दिशा में कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया. यातायात प्रबंधन योजना पर जल्द कम शुरू किया जाये ताकि फ्लाई ओवर का निर्माण शुरू किया जा सके.
बैठक में जुडको के परियोजना निदेशक तकनीकी रमेश कुमार, नगर विकास विभाग के संयुक्त सचिव संजय बिहारी अंबष्ठ, एनएनएआई के परियोजना निदेशक अजय सिन्हा और पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख रासबिहारी सिंह मौजूद थे.

