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पूर्व मंत्री बंदी उरांव पंचतत्व में विलीन

रांची. छोटानागपुर-संतालपरगना क्षेत्रीय काँग्रेस कमिटी के पूर्व अध्यक्ष ,पूर्व मंत्री एकीकृत बिहार सरकार,एसटी आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष बाबा बंदी उराँव   आज पंचतत्व में विलीन हो गये.

इसके पूर्व बंदी उराँव जी का अंतिम यात्रा इटकी रोड़ स्थित बगीचा टोली से पूर्वाहन 10.00 बजे निकाली गई और सर्वप्रथम कांग्रेस भवन लाया गया जहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डा रामेश्वर उरांव के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे,लाल किशोर नाथ शाहदेव, डा राजेश गुप्ता छोटू, अमूल्य नीरज खलखो, वरिष्ठ कांग्रेस नेता  प्रदीप तुल्स्यान, काली चरण मुण्डा, संजय पाण्डेय, सुरेश बैठा,पूर्व विधायक गंगा टाना भगत,नीरज भोक्ता, सोरेन राम,गुलजार अहमद,दीपक ओझा, मदन महतो,नन्दलाल शर्मा, अजय सिंह नेली नाथन, रामानन्द केशरी सहित कांग्रेस जनों ने श्रद्धा के फुल अर्पित किया एवं तिरंगा चरखा झंडा पार्थिव शरीर पर अर्पित किया.कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बंदी उराँव अमर रहें,जब तक सूरज चांद रहेगा बंदी बाबू आपका नाम रहेगा,नारे लगाकर भावपूर्ण विदाई दी. इस मौके पर स्वर्गीय बंदी उरांव के पुत्र अरुण उरांव, पुत्र वधू व पूर्व मंत्री  गीताश्री उरांव, उनके दामाद प्रकाश उरांव एवं दोनों बेटियां भी साथ चल रही थी.

 श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा पुलिस अधिकारी से लेकर राजनीतिक जीवन की एक लंबी पारी में उन्होंने हमेशा सिद्धांतों,मूल्यों और विचारों की राजनीति की, आदिवासी समाज का एक महान व्यक्तित्व हमसे आज दूर हो गया लेकिन जो उनके मूल आदर्श एवं सिद्धांत थे,जिसके लिए हमेशा जीवन पर्यंत संघर्ष किया,भूरिया कमेटी की सिफारिशों को लागू करना,ग्राम सभा को शक्तिशाली बनाना, पांचवी अनुसूची को मजबूत रखना, पेशा कानून, भूमि अधिग्रहण कानून का अक्षरसः पालन करना उनकी इच्छा को हम जरूर पूरा करेंगे.

 डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा अपने पुलिस कार्यकाल में और राजनीतिक जीवन में भी बंदी बाबू से बहुत कुछ सीखने का मौका मिला, पारिवारिक रिश्ते होने के बावजूद उनका मार्गदर्शन और आशीर्वचन सदैव मिलता रहा,ऐसी जीवन के ऐसे अनछुए पहलू थे जहां उनके साथ रहने का मौका मिला. कांग्रेस के क्षेत्रीय अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने पार्टी को एक नई राह दिखाने का काम किया, अलग झारखंड राज्य के निर्माण में भी उन्होंने आंदोलन किए और मुखर होकर अलग राज्य बनाने के लिए संघर्ष किया एवं लड़ाइयां लड़ी. कांग्रेस जनों का मानना है कि बंदी बाबू ने पार्टी की मजबूती के लिए बहुत काम किया था उसे आगे बढ़ाने की सख्त जरूरत है. उनके निधन से पार्टी की और राज्य की अपूरणीय क्षति हुई है, ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दें और परिजनों को दुख सहने की शक्ति दे,पार्टी की ओर से मैं अपनी गहरी संवेदना एवं भावभीनी श्रद्धांजलि प्रकट करता हूँ.

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक दूबे ने बताया कि कांग्रेस भवन से 11.00 बजे पार्थिव शरीर विधानसभा ले जाया गया.विधानसभा में राजकीय सम्मान के साथ पूर्व मंत्री को श्रद्धांजलि दी गई और तत्पश्चात सड़क मार्ग द्वारा बंदी उराँव के पैतृक निवास गुमला ले जाया गया.