देवघर: एक करोड़ रुपये की ठगी के मामले में फरार आरोपित मो. नसीम उर्फ ङ्क्षरकू को देवघर पुलिस ने बुधवार की रात जमुई से गिरफ्तार किया. वह नगर थाना क्षेत्र के हिरणा मोहल्ले का रहने वाला है. उसने कोआपरेटिव व अन्य बैंकों का फर्जी एजेंट बनकर देवघर के 42 लोगों को ठग लिया. 2019 में उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था.
एसपी अश्विनी कुमार सिन्हा ने बताया कि उसकी पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही थी, मगर वह चकमा दे देता था. इधर, मुखबिर से सूचना मिली कि वह जमुई के सिकंदरा थाना क्षेत्र स्थित मुबारकपुर गांव में छिपा है. तत्काल उसकी तलाश में आइओ सुमन कुमारी के नेतृत्व में एक टीम भेजी गई. जमुई पुलिस की मदद से उसे गिरफ्तार किया गया.
हालांकि छापेमारी के दौरान पुलिस को काफी परेशानी झेलनी पड़ी. कई महिलाएं पुलिस के विरोध में उतर आईं. काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे पकड़ा और देवघर लाई.
क्या है मामला-
एसपी ने बताया कि नसीम के खिलाफ ठगी से जुड़ा मामला 25 अक्टूबर, 2019 को नगर थाना में दर्ज हुआ था. दरअसल नसीम खुद को कोआपरेटिव व अन्य बैंकों का एजेंट बताता था और बैंक में जमा करवाने के नाम पर पैसे लेता था.
वह संस्कार साख एवं मधुपुर की बचत स्वाबलंबी सहकारी समिति का भी फर्जी एजेंट बना हुआ था. प्रलोभन देता था कि पैसा सुरक्षित रहेगा व अन्य बैंकों की तुलना में रकम जल्द दोगुना हो जाएगी. उसने 42 लोगों को झांसे में लिया और करीब एक करोड़ रुपये ठग लिए. जसीडीह थाना क्षेत्र के संताली गांव निवासी मो.
आजाद से 20 लाख, हिरणा की जिन्नत खातून से 3.50 लाख, शबाना खातून से चार लाख, नूरजहां बीबी से तीन लाख रुपये ठगे. उसके खिलाफ जसीडीह थाने में भी ठगी का मामला दर्ज है.

