आशका पटेल,
रांची: झारखंड के गुजराती-पटेल समाज के लोगों का दुर्गा पूजा गरबा नृत्य के साथ उत्सव का माहौल बना रहा है. राजधानी के लालपुर में समाज के प्रेक्षागृह में गरबा नृत्य और अखंड ज्योत के जरिये मां अंबिका की अराधना रीति-रिवाज के साथ आयोजित की जा रही है. क्या बूढ़े, क्या बच्चे और जवान, सभी मां को रिझाने और उसकी अराधाना नृत्य और भाव भंगिमाओं के जरिये कर रहे हैं. 1993 से समाज के लोग एकजुट होकर दुर्गा पूजा के समय मां को गरबा नृत्य से प्रसन्न कर रहे हैं. नवरात्रि के अवसर पर गरबा का विर्सजन भी नवमी के दिन किया जाता है.
गुजराती पटेल समाज रांची के अध्यक्ष तुलसी पटेल के अनुसार 1960 में समाज के लोग रांची आये थे. उस समय पांच ही परिवार थे. अब परिवार की संख्या बढ़ गयी है. इसलिए प्रत्येक वर्ष नवरात्रि में गरबा नृत्य आयोजित किया जाता है. महिलाएं और बच्चे सुबह और शाम की पूजा में विशेष रूप से मौजूद रहते हैं और पूजन अनुष्ठान भी आयोजित किया जाता है. इसके बाद शाम को डांडिया रास होता है. इस नवरात्रि नृत्य आयोजन में बहुत सारे छेदों वाले एक मिट्टी के घड़े में दीप जलाकर उसके चारों तरफ नाचते हुए, इस नृत्य को कलांतर में गरबा कहा गया है. नवरात्रि के दौरान हाथों में लकड़ी की दो डंडिया लेकर डंडिया किया जाता है. आसान भाषा मे कहा जाए तो जो नृत्य हाथ में डंडिया लेकर किया जाए वह डंडिया और जो इनके बिना किया जाए वह गरबा.

