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HAPPY BIRTHDAY BADMAN: जानें कैसे बने गुलशन ग्रोवर हिंदी सिनेमा के ‘बैडमैन’

by bnnbharat.com
September 21, 2020
in समाचार
HAPPY BIRTHDAY BADMAN: जानें कैसे बने गुलशन ग्रोवर हिंदी सिनेमा के ‘बैडमैन’
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मुम्बई: अभिनेता गुलशन ग्रोवर हिंदी फिल्मों में ‘बैडमैन’ नाम से मशहूर है, आज उनका जन्मदिन है. उन्होंने अपने फिल्मी करियर में अब तक 400 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है. कभी हीरो ना बनने का सपना देखने वाले गुलशन ग्रोवर को बैडमैन कहा जाता है यह तो सभी को पता है मगर किसी को यह नाम पड़ने के पीछे की कहानी नहीं पता है. गुलशन की किताब बैडमैन में इन सभी किस्सों कहानियों का जिक्र है.गुलशन ग्रोवर ने बॉलीवुड करियर की शुरूआत फिल्म ‘हम पांच’ से की थी. उसके बाद असली पहचान उन्हें ‘सदमा’ और ‘अवतार’ से मिली.

अभिनेता गुलशन ग्रोवर ने अपनी जिंदगी के बारे में कहा, “मैंने अपने जीवन में कई उतार-चढ़ाव देखे. मेरा बचपन बुरे हालातों में गुजरा. मुझे आज भी याद है कि मेरा स्कूल दोपहर का था लेकिन मैं सुबह ही बस्ते में स्कूल की यूनिफॉर्म रखकर घर से निकल जाया करता था.” ग्रोवर कहते हैं, “हर सुबह मैं अपने घर से दूर बड़ी-बड़ी कोठियों में बर्तन और कपड़े धोने वाला डिटर्जेंट पाउडर बेचा करता था. कभी डिटर्जेंट पाउडर, तो कभी फिनाइल की गोलियां, तो कभी पोछे.

ग्रोवर कहते हैं, ”ये सब बेचकर पैसा कमाता था, जिससे स्कूल का खर्चा निकल सके. उन कोठियों में रहने वाले मुझसे सामान खरीद भी लिया करते थे, क्योंकि वो सब चाहते थे कि मैं अपनी आगे की पढ़ाई कर सकूं. मेरी गरीबी से मैं कभी घबराया नहीं. इसकी सबसे बड़ी वजह है मेरे पिता जिन्होंने हमेशा हमें ईमानदारी और मेहनत के रास्ते पर चलना सिखाया.”

गुलशन कहते हैं, “उन दिनों हमारे पास खाने के लिए भी पैसे नहीं थे. कई दिन भूखे रहना पड़ा. मुझे इस बात को कहने में कोई शर्म नहीं है कि कॉलेज तक हमारा हाल यही रहा और जब एक्टिंग के लिए मुंबई आया, तब भी कई बार भूखा ही रहा. हर दिन यही सोचता था कि आज का दिन कहा निकालूं, कहा जाऊं, लेकिन हिम्मत नहीं हारी. जीतने की कोशिश करता रहा. परिणाम आप सबके सामने है.”

कहा जाता है कि दिल्ली के एक पंजाबी परिवार में जन्मे गुलशन ने 1980 में आई फ़िल्म ‘हम पांच’ से एक्टिंग डेब्यू किया था, लेकिन ऐसा नहीं है. गुलशन बताते है, “मेरी पहली फिल्म ‘हम पांच’ नहीं रॉकी थी. जिसकी शूटिंग पहले शुरू हुई थी. मुझे अभिनय का बहुत शौक था, इसलिए थिएटर करता रहा और खलनायक के किरदारों के लिए मैंने प्रेम नाथ, प्राण, अमरीश पुरी, अमजद खान, सभी को देखकर बहुत कुछ सीखा. उन सभी को देख मैंने अपनी अलग पहचान बनाई. इसलिए अलग काम और अलग स्टाइल बनाने की कोशिश की. देखते ही देखते मैं एक जबरदस्त खलनायक बन गया.

आज इतने सालों बाद जब खलनायकों को लोग भूल गए हैं, ऐसे में लोगों के प्यार और दुआओं की वजह से मुझे फिर से मौके मिल रहे हैं. गुलशन ग्रोवर का मानना है कि वो पहले भारतीय अभिनेता हैं, जिन्होंने हॉलीवुड फ़िल्मों में बहुत पहले ही अपना हाथ आज़मा लिया था. उनकी पहली हॉलीवुड फिल्म ‘द सेकंड जंगल बुक: मोगली एंड बल्लू’ साल 1997 में ही रिलीज हुई थी. विदेशी फिल्मों में काम करने का ये सफर आज भी बरकरार है. उन्होंने जर्मन, ऑस्ट्रेलियन, पोलिश, कनेडियन, ईरानी, मलेशियन, ब्रिटेन और नेपाली फिल्मों सहित भारत की भी विभिन्न भाषाओं में भी काम किया है.

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