रांची: केंद्र सरकार के आदेश पर भारतीय रेलवे द्वारा झारखंड के प्रवासी मजदूरों/कामगारों की वापसी हेतु आवश्यकता अनुसार रेल गाड़ी उपलब्ध कराने की बार- बार सूचना हेमंत सरकार को दी जा रही है, परंतु राज्य सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही है, तरह तरह के बहानेबाजी कर अपने ही नागरिकों के घर वापसी में बाधा बनी हुई है.
इस संबंध में झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश संगठन, महामंत्री धर्मपाल सिंह, भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के निर्देश पर ऐसी गूंगी-बहरी एवं असंवेदनशील, कुम्भकर्णी निद्रा में सोयी हुई सरकार को जगाने के लिए पार्टी के विधायक-सांसद एवं अन्य सभी स्तर के नेता-कार्यकर्ता आज 17.05.2020 रविवार को अपराह्न 11:00 बजे से 12:00 बजे सोशल मीडिया/फेसबुक आदि को माध्यम बनाकर, अपने-अपने लाइव संदेश या विडियो रिकॉर्डिंग से जनता की आवाज बन कर पूरे झारखंड को गुंजायमान करने को लेकर अभियान शुरु कर दिया है.
इस संबंध में झारखंड प्रदेश भाजपा के मीडिया पैनिलिस्ट अजय राय ने भी अपने आवास से फेसबुक ट्विटर के माध्यम से झारखंड सरकार के कारनामों को उजागर करने का अभियान शुरू कर दिया है.
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि कहा कि झारखंड सरकार के मुख्यमंत्री घबरा गए हैं. उन्होंने पूर्व में घोषणा की थी जो भी प्रवासी मजदूर झारखंड आएंगे उन्हें सभी तरह की सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी साथ ही उन को रोजगार भी दी जाएगी ताकि उन्हें कहीं कोई परेशानी ना हो.
राय ने कहा कि आज जब केंद्र सरकार के रेल मंत्री पीयूष गोयल झारखंड के प्रवासी मजदूरों को लेकर झारखंड सरकार से ज्यादा से ज्यादा ट्रेनों की आवागमन की एनओसी मांग रहे हैं तो सरकार इसे टालने का प्रयास कर रही है और झारखंड के मुख्यमंत्री मीडिया के माध्यम से तरह-तरह की बयान बयान बाजी कर उल्टा केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं जो कहीं ना कहीं उनकी कुत्सित राजनीति को साफ तौर पर झलकाती है.
अजय राय ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार को प्रवासी मजदूरों को घर लाने में कहीं कोई इंटरेस्ट नहीं है उनका इंटरेस्ट कोरोना के इस महामारी में भी राजनीति करने का है इससे ज्यादा कुछ नहीं.
उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता आज इस सोशल मीडिया के माध्यम से राज्य के मुख्यमंत्री से यह सवाल जरूर करें कि आखिर क्या कारण है कि केंद्र के लगातार आग्रह के बावजूद भी सरकार प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेन आवागमन की एनओसी नहीं दे रही है. क्या वह घबरा गए हैं कि प्रवासी मजदूरों को वह कहां से वह सारी सुविधाएं मुहैया कराएंगे जिसकी घोषणा उन्होंने पहले की थी? क्या वह घबरा गए हैं उन्हें रोजगार कहां से देंगे? इन परिस्थितियों में हेमंत सोरेन और उनके मंत्रिमंडल के लोगों को इस तरह की बयानबाजी व राजनीति नहीं करनी चाहिए.
प्रवासी मजदूर भी राज्य के अंग है और उसके लिए जहां तक जो भी प्रयास हो सकता है वह भारतीय जनता पार्टी करेंगी.

