बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार की खबरें अक्सर दुनिया भर से आती रहती हैं. ऐसी ही एक खबर नाईजीरिया से आई है. जहां एक इस्लामिक स्कूल में सैकड़ों बच्चों को असामान्य हालात में रखा गया था. शिक्षा का मंदिर कहलाने वाले स्कूल यहां बच्चों के लिए नर्क बन गया था. मामला नाइजीरिया के कडुना का है जहां एक इस्लामिक स्कूल से पुलिस ने 500 लोगों को रेस्क्यू किया है. छुड़ाए गए बच्चों में काफी संख्या नाबालिग बच्चों की है.

खबरों के मुताबिक इस स्कूल में बंधक बना कर रखे गए बच्चों में से करीब 100 छात्रों को जंजीरों से बांधकर रखा गया था. खबरों के मुताबिक इन बच्चों से स्कूल का स्टाफ रेप भी करता था. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, नाइजीरिया की पुलिस ने बताया है कि बंधक बनाए गए लोगों के साथ यौन दुर्व्यवहार किया गया. छुड़ाए गए लोगों में से 5 साल तक के बच्चे भी शामिल हैं.
कडुना के पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि बच्चों को यहां कुरान की शिक्षा देने के नाम पर रखा गया था. यह स्कूल करीब एक दशक से चल रहा था. लोगों को लगता था कि वह अपने बच्चों को सुधारने और कुरान की शिक्षा देने के लिए यहां भेज रहे हैं. कई लोगों से ड्रग और बीमारियों से छुटकारा दिलाने का वादा भी किया गया था. लेकिन यहां बच्चों के साथ जो हो रहा था वह किसी भी सभ्य समाज के लिए कलंक है. पुलिस प्रमुख ने घटनास्थल को हाउस ऑफ टॉर्चर करार दिया.

जानकारी के मुताबिक पुलिस ने टीचर्स सहित आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने कहा कि रेस्क्यू किए गए कई लोग घायल थे, जबकि कई भूखे थे. कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें सालों से यहां रखा गया था और बाहर जाने की आजादी नहीं थी. वहीं एक युवक ने स्थानीय मीडिया को बताया कि 3 महीने से उनके पैरों में जंजीर बांधे गए हैं. अगर कोई व्यक्ति यहां से भागने की कोशिश करता तो उसे सीलिंग फैन से लटका दिया गया था.

