रांची: पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी शनिवार को लगभग ढ़ाई बजे अपनी मांगों को लेकर जेपीएससी कार्यालय के समक्ष अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों से मिलने पहुंचे. उन्होंने अभ्यीर्थियों से आग्रह किया कि कोरोना के कारण इस तरह से सामूहिक रूप से न बैठे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना को लेकर 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की अपील की है. इस वजह से अनशन कुछ दिनों के लिए समाप्त कर दें. उन्होंने अनशन कर रहे सभी अभ्यर्थियों को नारियल पानी पिलाया. बाबूलाल मरांडी के आग्रह पर अभ्यर्थियों ने दो दिनों के लिए अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया.
Also Read This: बीमार छात्र की मदद को आया स्वास्थ्य विभाग का बीमार एंबुलेंस
इस दौरान बाबूलाल ने उन छात्रों को भरोसा दिलाया कि सोमवार को सदन में उनकी मांगों को प्रमुखता से रखेंगे. उन्होंने कहा कि आपकी मांगों को सत्ता पक्ष व विपक्ष सभी जानते हैं. सारी बातों को सुनने के बाद छात्रों ने कहा कि सोमवार तक कोई निर्णय नहीं होता है तो मंगलवार को पुन: अनशन पर बैठेंगे. अभ्यंर्थियों ने बाबूलाल मरांडी को सारी स्थिति से अवगत कराया. छात्रों ने कहा कि जेपीएससी धांधली कर रहा है. इस वजह से वि़द्यार्थियों का भविष्य् अंधकारमय हो गया है.
Also Read This: CM ने चंपई सोरेन के पिता के निधन पर किया दुख व्यक्त
क्या कहा अभ्यर्थियों ने:-
अजय चौधरी ने कहा कि विवादित छठी जेपीएससी कि अधियाचना वापस करने की जायज मांग को लेकर हम लोगों ने पिछले चार सालों से सड़क से सदन तक लड़ रहे हैं. कई बार धरना, विरोध प्रदर्शन किया, इसके अलावा जेपीएससी कार्यालय का घेराव, रोड जाम, सत्याग्रह भी किया परंतु सरकार हमारी बातों को अनसुनी कर रही है. वहीं, अभ्यार्थी इमाम सफी ने कहा कि जब तक सरकार छठी जेपीएससी का अधिसूचना वापस करके आरक्षण नियमावली का पूर्ण रूप से पालन नहीं करती है तब तक अनिश्चितकालीन संघर्ष जारी रहेगा. चूंकि छठी जेपीएससी में विज्ञापन के अनुसार आरक्षण का पालन नहीं किया गया है, यह लड़ाई नियुक्ति नियमावली सुधार के लिए अंतिम लड़ाई के तर्ज पर पर लड़ी जा रही है यह लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ी जाएगी. झारखंड के 20 वर्षों के दौरान सरकार किसी का भी रहे सभी सरकार झारखंड के आदिवासी मूलवासी छात्रों के साथ अन्याय किया है. अब छात्र किसी भी कीमत पर अन्याय बर्दास्त नहीं करेंगे.

