ब्यूरो चीफ, आशका
रांची: राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनय चौबे ने कहा है कि चुनाव को प्रभावित करनेवाले दबंग व्यक्तियों की पहचान सभी जिलों में की गयी है. राज्य भर में ऐसे 32 सौ लोगों की पहचान की गयी है. सभी जिलों के जिला निर्वाची पदाधिकारी और पुलिस अधिकारी लोक निर्वाचन अधिनियम 1951 की धारा 107 के तहत इन पर कार्रवाई कर रहे हैं और विशेष नजर रख रहे हैं. इनके फोन नंबर, पते और अन्य ठिकानों की जानकारी जिला प्रशासन की तरफ से उपलब्ध कर ली गयी है.
चौबे ने कहा कि 14 दलों के 384 स्टार प्रचारक राज्य विधानसभा चुनाव में प्रचार करेंगे. चुनाव आयोग ने अधिकतम सीमा 40 की सूची सभी दलों से मांगी थी. इसमें से झारखंड पार्टी, भाजपा, राजद, बसपा, कांग्रेस, आजसू पार्टी की तरफ से अधिकतम 40 प्रचारकों के नाम उपलब्ध कराये गये हैं. इसके अलावा लोजपा, झापा, जदयू, झामुमो, हिंदुस्तान आवामी मोर्चा, भाकपा, झाविमो और भाकपा माले की तरफ से सूची उपलब्ध करायी गयी है.
उन्होंने कहा कि पंजीकृत दलों के प्रचारकों के नाम की सूची अधिसूचना जारी होने से सात दिनों के अंदर निर्वाचन आयोग को भेजना जरूरी किया गया है. रैलियों तथा सभा के लिए स्टार प्रचारकों द्वारा हवाई जहाज अथवा अन्य परिवहन के लिए होनेवाले खर्च का ब्योरा भी दिया जाना जरूरी किया गया है.
आयोग के पास 702 मामले दर्ज कराये गये, जिसमें से सही 53 मामले
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि झारखंड में 16 नवंबर तक आचार संहिता के उल्लंघन और अन्य मामलों के लिए 702 मामले दर्ज किये गये हैं. इसमें से 53 सही पाये गये. जिला निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाची पदाधिकारी के स्तर पर 643 मामले ड्रॉप कर दिये गये. छह मामले अब तक विचाराधीन हैं.
15 नवंबर तक आचार संहिता के उल्लंघन के 29 मामले पलामू, जमशेदपुर, धनबाद, गढ़वा, गिरिडीह, रांची, बोकारो, सरायकेला-खरसावां, जामताड़ा, सिमडेगा और लोहरदगा में दर्ज किये गये. इस दौरान 2.69 करोड़ से अधिक की नगद राशि, शराब की जब्ती, गांजा और अन्य सामग्रियां भी जब्त की गयी. 15 नवंबर तक 89.73 लाख रुपये नगद जब्त किये गये. एक करोड़ रुपये तक की शराब भी जब्त की गयी. इसके अलावा 33.16 लाख रुपये कीमत का गांजा भी बरामद किया गया. उपहार, मुफ्त वितरण सामग्री के रूप में 52 लाख की प्रचार सामग्रियां जब्त की गयी.

