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अवैध वसूली मामला: साढ़े चार साल बाद भागलपुर में तैनात एएसआई बर्खास्त

भागलपुर: नो इंट्री में पकड़े गये ट्रक चालकों से अवैध वसूली के लगभग साढ़े चार साल पहले के एक मामले में बिहार के भागलपुर जिले के बरारी थाना के तत्कालीन एएसआई और ट्रकों को पकड़े जाने को लेकर दर्ज हुए केस के तत्कालीन आईओ विजय कुमार सिन्हा को बर्खास्त कर दिया गया है. 

एएसआई की बर्खास्तगी को लेकर एसएसपी निताशा गुड़िया ने 28 जनवरी को डीआईजी से अनुशंसा की थी, जिसपर शनिवार को मुहर लग गई. लगभग साढ़े चार से मामला ठंडे बस्ते में था. एसएसपी ने फाइल पर कार्रवाई की पहल की. ट्रक चालकों से अवैध वसूली मामले का खुलासा होने के बाद तत्कालीन एसएसपी मनोज कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया था. उन्होंने अवैध वसूली में संलिप्त पाये गये बरारी थाना के तत्कालीन निजी चालक पिंटू और वसूली में शामिल बिचौलिये को गिरफ्तार कर जेल भेजने का निर्देश दिया था.

दोनों जेल भेजे गये थे. तत्कालीन बरारी थानाध्यक्ष केके अकेला को सस्पेंड किया गया था. विभागीय कार्यवाही की वजह से केके अकेला तीन साल तक इंस्पेक्टर नहीं बन सके थे. पूरे मामले की तत्कालीन भागलपुर जोन आईजी सुशील खोपड़े मॉनिटरिंग कर रहे थे और कार्रवाई की रिपोर्ट भी ले रहे थे. 


22 जून 2016 को बरारी थाना क्षेत्र में विक्रमशिला पहुंच पथ के पास नो इंट्री में घुसे 39 ट्रक चालकों को बरारी पुलिस ने पकड़ लिया था. पकड़े जाने पर उनपर केस दर्ज किया गया. ट्रक चालकों ने कोर्ट से बेल ले ली. जब ट्रक चालकों ने थाना से एनओसी मांगा तो केस के आईओ, निजी वाहन चालक और बिचौलिये ने थानाध्यक्ष के निर्देश पर उन ट्रक चालकों से वाहन के दस्तावेज के सत्यापन और एनओसी देने के बदले मोटी रकम की मांग की. प्रत्येक ट्रक चालक से 10-15 हजार की मांग की गयी. एक ट्रक चालक ने पास में पैसे नहीं होने की बात कही तो उसके मालिक जमशेदपुर के रहने वाले हसन खान को किसी बिपिन का खाता नंबर भेजकर उसमें पैसे भेजने को कहा. हसन ने उस खाते में 13 हजार रुपये डाले. बाद में खाते में पैसे डाले जाने में बैंक की रसीद कार्रवाई का बड़ा आधार बनी. 


भागलपुर में अवैध वसूली में संलिप्त पाये गये कई पुलिसकर्मियों को पहले भी बर्खास्त किया जा चुका है. जून 2017 को विक्रमिशला टीओपी के पास ट्रकों से अवैध वसूली मामले में पकड़े गये एएसआई समेत पांच पुलिसकर्मियों को मार्च 2018 में बर्खास्त कर दिया गया था. तत्कालीन डीआईजी विकास वैभव के निर्देश पर कार्रवाई की गयी थी. उस मामले में एएसआई राजाराम सिंह के अलावा सिपाही कुंदन कुमार, ओमप्रकाश साह, रंजीत कुमार और मो. रज्जाक को बर्खास्त किया गया था. हाल ही में जीरोमाइल चौक के पास अवैध वसूली में पकड़े गये होमगार्ड जवान को इंट्री पासिंग कराने वाले दो शख्स के साथ जेल भेजा गया. 

बरारी थाना में अवैध वसूली का एक मामला था, जिसमें तत्कालीन एएसआई पर आरोप लगे थे. जांच में आरोप सही पाये जाने के बाद कार्रवाई की गयी है. एसएसपी ने दो दिन पहले एएसआई को बर्खास्त करने की अनुशंसा की थी. उनकी अनुशंसा के आलोक में एएसआई को शनिवार को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया