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पांचवें चरण में पूरी सरकार ही खड़ी है चुनाव मैदान में

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दुमका: झारखंड विधानसभा चुनाव के पांचवें और अंतिम चरण में संथाल परगना की 16 सीटों पर मतदान होना है. इन सीटों पर 20 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे. इस चरण में पूरी सरकार चुनाव मैदान में खड़ी है. पाकुड़ से पूर्व विधानसभा अध्‍यक्ष मैदान में हैं. बरहेट और दुमका से पूर्व मुख्‍यमंत्री चुनाव लड़ रहे हैं. दुमका, बोरियो, महेशपुर, शिकारीपाड़ा से विभिन्‍न विभागों को संभाल चुके मंत्री किस्‍मत आजमा रहे हैं. यह और बात है कि इसमें विधानसभा अध्‍यक्ष से लेकर मंत्री तक अलग-अगल दलों के हैं.

दो जगहों से हेमंत

पिछले विधानसभा चुनाव की तरह पूर्व मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन इस बार भी दो जगहों से चुनाव लड़ रहे हैं. वे बरहेट और दुमका से चुनाव मैदान में हैं. पिछली बार दुमका से भाजपा की डॉ लुईस मरांडी ने उन्‍हें हराया था. इस बार भी भाजपा ने उन्‍हें ही टिकट दिया है.

झामुमो का दबदबा

संथाल परगना प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले विधानसभा सीटों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा का दबदबा रहा था. धीरे-धीरे अन्‍य दलों की पकड़ मजबूत होती गई. स्थिति यह हुई कि मुख्यमंत्री रहते हुए नेता प्रतिपक्ष और झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन को दुमका विधानसभा से हार का सामना करना पड़ा.

भाजपा है उत्‍साहित

लोकसभा चुनाव में आये परिणाम से भाजपा उत्‍साहित है. संथाल में आने वाले तीन लोकसभा सीट में से गोड्डा और दुमका पर भाजपा ने कब्जा जमाया. भाजपा के सुनील सोरेन ने दुमका से गुरुजी शिबू सोरेन को हराया. पार्टी का मानना है कि इसकी पुनरावृत्ति विधानसभा चुनाव में भी होगी. भाजपा को यहां से अधिक सीटें मिलेगी. हालांकि इस चुनाव में आजसू पार्टी उसके साथ नहीं है. कई सीटों पर उसने अपने उम्मीदवार भी खड़े किये हैं.

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फोकस रहा था संथाल

रघुवर सरकार के पांच साल के कार्यकाल में मुख्यमंत्री रघुवर दास का फोकस संथाल ही रहा था. योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए वे वहां लगातार जन चौपाल लगाते रहे. जनता के संपर्क में रहे. जन आशीर्वाद यात्रा की शुरुआत भी संथाल से ही की थी.

गांव-गांव तक पहुंच

झारखंड मुक्ति मोर्चा की पैठ गांव-गांव तक है. अन्य दल वहां तक पहुंच बनाने में अभी तक कामयाब नहीं हो सके हैं. ऐसी स्थिति में कई सीटों पर पलड़ा झामुमो का ही भारी लगता है.

मुकाबला भाजपा-झामुमो में

संथाल की दो-चार सीटों को छोड़ दें, तो अधिकतर सीटों पर मुख्य मुकाबले में भाजपा और झामुमो ही नजर आता है. बहरहाल संताल जीतने की जुगत में सभी दल अपने-अपने तरीके से मतदाताओं को रिझाने में लगे हैं. सत्ता पक्ष विकास के नाम पर लोगों से वोट मांग रहा है. विपक्षी पार्टियां जल, जंगल और जमीन की रक्षा सहित आदिवासी और मूलवासियों को न्याय दिलाने की बात कह वोटरों को अपने पाले में करने में जुटी है.

वर्ष 2014 विधानसभा में सीटों की स्थिति

भाजपा: दुमका, बोरियो, राजमहल, महगामा, गोड्डा, देवघर, मधुपुर और सारठ
झामुमो: जामा, शिकारीपाड़ा, लिट्टीपाड़ा, बरहेट, महेशपुर और नाला
कांग्रेस: जरमुंडी, जामताड़ा और पाकुड़

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