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बाबूलाल से संपर्क साधने की कोशिश में आजसू, झाविमो फिलहाल कर रहा नजरअंदाज

झाविमो का तर्क, बीजेपी की शीट शेयरिंग की घोषणा के बाद बैठ सकते हैं आजसू के साथ

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रांचीः झारखंड की राजनीति कब किस ओर करवट लेगी, यह कहना मुश्किल है. राजनीति में सब कुछ संभव है. शीट शेयरिंग को लेकर आजसू अब तक असमंजस में है. पार्टी सूत्रों के अनुसार आजसू ने गठबंधन के तहत 19 सीटों की लिस्ट थमाई है. खास कर चंदनकियारी और लोहरदगा सीट पर आजसू ने दावा ठोंक रखा है. इन दोनों सीटों में पेंच फंसा हुआ है. लोहरदगा सीट से भाजपा की ओर सुखदेव भगत ने परचा भी खरीद लिया है.

चंदनकियारी सीट से आजसू के पूर्व विधायक उमाकांत रजक ने कहा है कि 10 नवंबर को हर हाल में परचा दाखिल करेंगे. ऐसी स्थिति में आजसू दूसरे विकल्प की तलाश में है. आजसू अपनी परंपरागत सीट को हर हाल में खोना नहीं चाहती है. इस वजह से आजसू झाविमो से संपर्क करने की कोशिश में लगा हुआ है.

बाबूलाल फूंक-फूंक कर रख रहे हैं कदम

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इधर झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं. फिलहाल बाबूलाल मरांडी आजसू के प्रस्तावों को नजर अंदाज कर रहे हैं. सूत्रों के अनुसार झाविमो को डर है कि बीजेपी की सीट घोषणा से पहले अगर आजसू के साथ बैठा जाए, तो फिर आजसू, बीजेपी के साथ बार्गेन करने की स्थिति में आ जाएगा. इसलिए बाबूलाल मरांडी बीजेपी के सीटों की घोषणा के बाद ही आजसू से बात कर सकते हैं.

टिकट के लिए सीएम सहित तीन सदस्यीय कमेटी है अधिकृत

इधर शीट शेयरिंग के लिए सीएम के नेतृत्व में तीन सदस्यीय कमेटी को अधिकृत किया गया है. जिसमें प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुआ और प्रदेश संगठन महामंत्री धर्मपाल को अधिकृत किया गया है. लेकिन आजसू सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिलना चाहती है. इसकी वजह यह है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सीट फाइनल करें. वहीं अब यह चर्चा है कि सीएम रांची आकर आजसू को मनाएंगे.

ajmani