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कोरोना जांच को बढ़ाने, लंबित नमूनों को निष्पादन में तेजी लाने का निर्देश

हजारीबाग. उपायुक्त आदित्य कुमार आनंद की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक बुधवार को संपन्न हुई. बैठक में कोरोना महामारी से निपटने के लिए कोरोना जाँच एवं टीकाकरण  अभियान के संबंध में चर्चा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए.

    समीक्षा के क्रम में लैब में लंबित नमूनों के निष्पादन करने पर बल देते हुए मेडिकल कॉलेज स्थित त्ज्च्ब्त् लैब को लंबित नमूनों को न्यूनतम स्तर पर लाने अथवा शून्य पेंडेंसी करने  के लिए लैब तकनीशियन बढ़ाने व जाँच का शिफ़्ट बढ़ाने निदेश दिया.  सदर अस्पताल व प्रखंड अस्पतालों के ट्रू नेट मशीनों से तीन पालियों में अधिकतम जाँच करने का निदेश सिविल सर्जन को दिया.

  कोरोना नमूनों के जाँच की वर्त्तमान रणनीति में बदलाव लाने की जरूरत पर बल देते हुए उपायुक्त ने कहा संदिग्ध लक्षण वाले व्यक्तियों, बाहर प्रदेशों से आने वाले प्रवासी व्यक्तियों, संक्रमण प्रभावित इलाकों में कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग  में नज़दीक सम्पर्क वाले लोगों का प्राथमिकता के आधार पर सैंपल संग्रहित करने पर फ़ोकस करें.  साथ ही वैसे क्षेत्रों में कोरोना टेस्टिंग बढ़ाएं जहां संक्रमित के नए मामले तेजी से फैल रहे हैं. उन्होंने कहा  शहरी व ग्रामीण इलाकों में आवश्यकतानुसार स्टैटिक व मोबाइल सैंपल कलेक्शन टीम को तैयार रखें. कॉन्टक्ट ट्रेसिंग वाले सैंपल को एक साथ लैब में जांच करने का निर्देश लैब संचालन व तकनीशियनों को दिया.

      कोरोना संक्रमण से निपटने की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने बाहर से आने वाले प्रवासियों को जिला के प्रवेश मार्गो पर विशेष चौकसी बरतने खासकर चौपारण चेक पोस्ट पर पूर्व की भांति ऑन द स्पॉट कोविड टेस्टिंग की सुविधा बहाल करने  के अलावे सभी प्रखंडों में कोविड केयर सेंटर, आइसोलशन सेंटर बनाकर संदिग्ध संक्रमित  लोगों को रखने, मुख्यमंत्री दाल भात योजना से भोजन की सुविधा दिलाने को कहा. साथ ही प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में संक्रमित व्यक्ति के लिए बेड की उपलब्धता, ऑक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता अन्य आधारभूत सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करते हुए सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि आवश्यकता की सारी चीजें के अलावे मानव संसाधन आदि का ठीक से आकलन कर उचित व्यवस्था के लिए पहल प्रारम्भ शुरू  करें. ताकि आपात स्थिति में मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं दी जा सके.

   समीक्षा के क्रम में स्वास्थ्य विभाग के ज़िला व प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधकों को सही तरीके से समेकित प्रतिवेदन प्रतिदिन समय से जिला को प्रतिवेदित करने का निदेश दिया.