गुना : कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री कुमार पुरूषोत्तम ने कहा है कि सर्दी, खांसी, बुखार के साथ ही सांस लेने में तकलीफ होने पर मरीज मेडिकल स्टोर्स, पेथोलोजी रजिस्टर्ड मेडिकल, प्रेक्टिसनर्स, प्राईवेट अस्पताल में जाकर दवा लेते है. जिससे कोरोना का संक्रमण बढ़ रहा है. संक्रमण के विस्तार को रोकने के लिए आवश्यक है कि दवा लेने के पूर्व जांच कर ऐसे मरीजों का आईसोलेशन किया जाए.
उन्होंने दण्ड प्रकिया संहिता 1973 की धारा 144(1) के तहत आदेशित किया है कि सर्दी, बुखार के साथ खांसी आने अथवा सांस लेने में तकलीफ के मरीज या उसके परिजनों को दवा देने के पूर्व सार्थक लाईट एप पर उसकी जानकारी इंद्राज किया जाना सुनिश्चित करें तथा नियंत्रण कक्ष में दूरभाष क्र. 07542-252746 पर सूचित करें. इस हेतु वे अनिवार्य रूप से सार्थक लाईट एप डाउनलोड करें.
गुना जिले की राजस्व सीमा में संचालित सभी पेथोलोजी, अस्पताल (औषधालय, होम्योपेथी, यूनानी, एलोपेथी, आदि दवाईयों) के सेवा प्रदाताओं को आदेशित किया गया है कि सर्दी अथवा बुखार अथवा खांसी आने या सांस लेने में तकलीफ होने या उपरोक्त सभी होने पर दवा देने के पूर्व सार्थक लाईट एप पर मरीज की जानकारी इंद्राज करें तथा नियंत्रण के दूरभाष क्र. 07542-252746 पर सूचित करे.
जिले के किसी नागरिक को सर्दी, खांसी, बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ है और वह किसी मेडिकल स्टोर या रजिस्टर्ड मेडिकल प्रेक्टिशनर पर जाता है तो उसकी सूचना क्षेत्र के थाना, बीएमओ तथा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 07542-252746 पर अनिवार्यत सूचित करेगें.
जारी आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (2) के अधीन एकपक्षीय रूप से पारित किया गया है. जारी आदेश जिला गुना की संपूर्ण राजस्व सीमा क्षेत्रों में आगामी आदेश तक लागू रहेगा. जारी आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/ संगठन पर महामारी अधिनियम 1897 की धारा 2 एवं 3 एवं भारतीय दण्ड संहिता 1861 की धारा 188 के अंतर्गत नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी.

