मध्य प्रदेश: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश विधानसभा में तत्काल शक्ति परीक्षण कराने की मांग करने वाली, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर कमलनाथ सरकार से बुधवार तक जवाब मांगा है. इस बीच शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया है कि वर्तमान कमलनाथ सरकार निश्चत रूप से गिरेगी।
समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के कमलनाथ सरकार को नोटिस जारी करने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्य प्रदेश में मौजूदा सरकार निश्चित रूप से गिरेगी. आज, भारतीय जनता पार्टी के पास सरकार बनाने के लिए आवश्यक नबंर हैं.
इधर, सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को कहा कि वह कल सुबह साढ़े 10 बजे के लिए राज्य सरकार और विधानसभा सचिव समेत अन्य को नोटिस जारी करेगी.
चौहान और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता समेत बीजेपी के 9 अन्य विधायक सोमवार को उच्चतम न्यायालय पहुंचे थे. सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले में कल यानि बुधवार को सुनवाई करेगा.
मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को 16 मार्च को सदन में अपना बहुमत साबित करने का निर्देश दिया था.
Also Read This: ओवैसी पार्टी AIMIM पर BJP ने की बैन लगाने की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री चौहान ने अपनी याचिका में कहा है कि कमलनाथ सरकार के पास सत्ता में बने रहने का ‘कोई नैतिक, कानूनी, लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार’ नहीं रह गया है.
गौरतलब है कि सोमवार को तेजी से हुए घटनाक्रम में चौहान और भाजपा के नौ विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष एन पी प्रजापति के राज्यपाल लालजी टंडन के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए शक्ति परीक्षण कराए बिना 26 मार्च तक विधानसभा की कार्यवाही स्थगित किये जाने के तुरंत बाद शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया.
Also Read This: राज्यसभा के लिए रंजन गोगोई मनोनीत, पत्रकार रोहिणी सिंह का तंज – मिल गया ‘इनाम
राज्यपाल ने अपने पत्र में कहा था कि यह काम हर हाल में 16 मार्च, 2020 को पूरा होना चाहिए. इसके बावजूद, सोमवार को मप्र विधानसभा के अध्यक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन में शक्ति परीक्षण कराये बगैर ही विधानसभा की बैठक 26 मार्च तक के लिये स्थगित कर दी.
अध्यक्ष द्वारा छह विधायकों के त्यागपत्र स्वीकार किये जाने के बाद 222 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या घटकर 108 रह गयी है. इनमें वे 16 बागी विधायक भी शामिल हैं, जिन्होंने इस्तीफा दे दिया है लेकिन उन्हें अभी तक स्वीकार नहीं कर किया गया है. विधानसभा में भाजपा के 107 सदस्य हैं.

