SACH KE SATH
add_doc_3
add_doctor

केजरीवाल सरकार करेगी दिल्ली की हवा साफ, न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क की तर्ज पर

केजरीवाल सरकार ने सेंट्रल रिज प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए कमेटी का गठन कर दिया. प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है. यह कमेटी सेंट्रल रिज पारिस्थितिक बहाली प्रोजेक्ट को समय पर पूरा कराने का काम करेगी.

नई दिल्ली: सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार शहर की आवोहवा को साफ करने के लिए काम कर रही है. दिल्ली की वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सेंट्रल रिज प्रोजेक्ट पुन विकसित करने की योजना बनायी गई है. न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क की तर्ज पर इसे विकसित किया जाएगा.

सेंट्रल रिज प्रोजेक्ट के तहत पांच साल में 423 हेक्टेयर क्षेत्र से कीकर को हटाकर स्थानीय प्रजाती के पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया है. कैनोपी लिफ्टिंग पद्धति से विलायती कीकर को हटाकर स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे. हवा को साफ करने वाले पौधे लगाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

जानकारी के मुताबिक सेंट्रल रिज का क्षेत्रफल 800 हेक्टेयर के करीब है. इसमें बुद्धा जयंती पार्क से लेकर तालकटोरा स्टेडियम और दिल्ली कैंटोनमेंट का क्षेत्र आता है. इसमें से सेंट्रल रिज प्रोजेक्ट के तहत 423 हेक्टेयर क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसके अलावा जिन स्थानों पर विलायती कीकर नहीं हैं वहां पर स्थानीय प्रजाति के पौधे लगाने का काम शुरू जल्द किया जाएगा. इसके जरिए दिल्ली की हवा को साफ किया जाएगा. न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क की तर्ज पर सेंट्रल रिज प्रोजेक्ट को तैयार किया जाएगा.

6 सदस्यीय कमेटी का किया गठन
केजरीवाल सरकार ने सेंट्रल रिज प्रोजेक्ट की निगरानी के लिए कमेटी का गठन कर दिया. प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया है. यह कमेटी सेंट्रल रिज पारिस्थितिक बहाली प्रोजेक्ट को समय पर पूरा कराने का काम करेगी. 6 सदस्यीय सलाहकार समिति में प्रमुख सचिव, वन विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक सदस्य, विशेषज्ञ सीआर बाबू, पेड़ विशेषज्ञ प्रदीप, सलाहकार रीना गुप्ता और आर्किटेक्ट सुदित्या सिन्हा को कमेटी शामिल किया गया है. तितलियों के लिए बनेगी सफारी
सेंट्रल रिज प्रोजेक्ट के तहत घास का मैदान भी विकसित किया जाएगा. इसे पक्षियों और तितलियों के लिए सफारी के तौर पर विकसित किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट में आसपास के पार्क भी शामिल किए जाएंगे. इससे दिल्ली को काफी हद तक प्रदूषण से भी राहत मिलेगी