रांची: मध्यप्रदेश में बढ़ते कोरोना के प्रकोप को देखते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एसेंशियल सर्विसेज मैनेजमेंट एक्ट ‘एस्मा’ को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है. मुख्यमंत्री द्वारा बुधवार को किए गए ट्वीट में यह जानकारी दी गई है. आइये जानते हैं क्या है एस्मा:-
ESMA
एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (ESMA) 1968 में लागू किया गया था. यह एक्ट निश्चित वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध गति को बनाये रखने के लिए बनाया गया था. यह एक्ट पोस्ट और टेलीग्राफ, रेलवे, हवाई अड्डे और बंदरगाह संचालन और अन्य सेवाओं के कर्मचारियों को हड़ताल करने से रोकता है ताकि लोगों की सामान्य जिंदगी प्रभावित ना हो.
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भारत एक लोकतान्त्रिक देश है जिसमें सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के सामान अधिकार दिए गये हैं, शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना भी लोगों का अधिकार है. जब कुछ लोगों की मांगे पूरी नहीं होतीं है तो वे हड़ताल पर चले जाते हैं जिससे देश के अन्य लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
ESMA का मतलब और विशेषताएं
एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (ESMA), 1968 में भारत की संसद द्वारा अधिनियमित किया गया था. इसका मुख्य उद्येश्य उन वस्तुओं की निर्बाध गति को बनाये रखना है जो कि सामान्य नागरिक के सामान्य जीवन के लिए आवश्यक हैं.
ESMA, अधिकतम 6 माह के लिए लगाया जा सकता है लेकिन यदि केंद्र सरकार मानती है कि इसे और बढ़ाने की जरूरत है, तो वह इसे कितने भी लम्बे समय के लिए बढ़ा सकती है हालांकि एक बार में 6 माह से अधिक का आर्डर नहीं दिया जा सकता है.
ESMA के अंतर्गत सजा का प्रावधान
1. ESMA लागू होने के बाद यदि कर्मचारी हड़ताल पर जाता है तो वह अवैध एवं दण्डनीय है. क्रिमिनल प्रोसीजर 1898 (5 ऑफ 1898) के अन्तर्गत एस्मा लागू होने के उपरान्त इस आदेश से सम्बन्धि किसी भी कर्मचारी को बिना किसी वारन्ट के गिरफ्तार किया जा सकता है.
2. इस एक्ट में यह भी कहा गया है कि यदि किसी आवश्यक सेवा के रखरखाव के लिए ओवरटाइम करने की जरूरत है तो, कर्मचारी इससे इंकार नहीं कर सकता है.
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3. कोई भी व्यक्ति जो अन्य व्यक्तियों को हड़ताल में भाग लेने के लिए उकसाता है, उसको एक वर्ष की जेल या एक हजार रूपये का जुर्माना या फिर दोनों हो सकता है.
4.यदि कोई व्यक्ति हड़ताल को वित्तीय मदद देता है, तो इस कानून के अंतर्गत ऐसा करना जुर्म है. ऐसे व्यक्ति को एक वर्ष तक का कारावास, एक हजार रूपये का जुर्माना या दोनों हो सकता है.
ESMA के अंतर्गत आवश्यक सेवाएं
(i) कोई डाक, टेलीग्राफ या टेलीफोन सेवा
(ii) किसी भी रेलवे सेवा या किसी अन्य परिवहन सेवा के लिए यात्रियों या माल की ढुलाई के लिए भूमि, पानी या हवा जिसके संबंध में संसद में कानून बनाने की शक्ति है
(iii) हवाईअड्डे के संचालन या रखरखाव से जुड़ी कोई सेवा, या विमान के संचालन, मरम्मत या रखरखाव की सेवा
(iv) किसी भी बंदरगाह में माल की लोडिंग, अनलोडिंग, आवाजाही या भंडारण से जुड़ी कोई सेवा
(v) सीमा शुल्क के माध्यम से या तस्करी की रोकथाम के साथ माल या यात्रियों की निकासी से जुड़ी कोई सेवा
(vi) किसी टकसाल या सुरक्षा प्रेस में कोई सेवा
(vii) भारत सरकार के किसी भी रक्षा प्रतिष्ठान में कोई भी सेवा
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EMSA का प्रयोग
डॉक्टरों पर हमले की घटनाओं के बाद दिल्ली में डॉक्टर हड़ताल पर चले गये थे. हड़ताल पर दिल्ली सरकार ने EMSA लगाया. सरकार द्वारा डॉक्टरों की सभी मांगों को मानने के बाद भी डॉक्टरों ने वहां हड़ताल जारी रखी. आम आदमी सरकार द्वारा ESMA लागू करने के बाद डॉक्टरों ने एक घंटे के अंदर हड़ताल ख़त्म कर दिया.

