रांची: झारखंड में अब जमीन घोटाला करने वालों पर गाज गिरना तय है. राज्य के कई जिलों में हुए जमीन घोटालों की जांच सीआईडी करेगी. भू-राजस्व विभाग ने इसकी अनुशंसा कर दी है. भू-राजस्व विभाग की ओर से रांची, देवघर और धनबाद के बड़े जमीन घोटाले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने की सिफारिश की गई है.
सीआईडी जनवरी के प्रथम सप्ताह में मामले की जांच शुरू करेगी. जमीन लूट का बड़ा मामला हाल में खेल गांव आया है. खेल गांव के बड़गाई में 54 एकड़ सरकारी जमीन जिसका बाजार मूल्य करोड़ों में है, कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी तरीके से एक व्यक्ति के नाम कर दी गई. इसमें एनआईसी के अफसरों और कर्मचारियों की भूमिका सामने आई है.
इस मामले में सीओ की ओर से खेल गांव थाना में एक मामला दर्ज कराया गया था, जिसमें नारायण सिंह का पुत्र मनन गोप, नरेंद्र गुप्ता के साथ एनआईसी के कुछ कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है.
3 माह पहले पूरी जमीन गैरमजरूआ थी और इसे निजी व्यक्ति के नाम ऑनलाइन बंदोबस्त किया गया. इसी तरह स्वर्णरेखा नदी के किनारे जमीन को भी कब्जा करने की कोशिश की जा रही है. इसी तरह भू-माफियाओं की नजर भुसूर नदी के आसपास की 100 एकड़ जमीन पर है.
जुमार नदी के किनारे भी सरकारी जमीन को कब्जा कर लिया गया. इसकी जांच सीआईडी करेगी. कांके स्थित लॉ यूनिवर्सिटी के किनारे 25 एकड़ जमीन प्लॉटिंग कर बेचने की तैयारी की गई है. जुमार नदी के किनारे मिट्टी भरने और जेसीबी से समतलीकरण करने का काम किया गया. करीब 24 एकड़ जमीन पर कब्जा हो चुका है.
देवघर में सरकारी दस्तावेज गायब कर दिए गए, रजिस्टर फाड़ा गया है. इस मामले में वहां के पूर्व सीईओ अनिल सिंह की भूमिका सामने आई है. इस मामले की जांच भी सीआईडी करेगी. सीओ की संपत्ति की जांच अलग से की जाएगी. अभी रांची और देवघर में हुए अरबों रुपए की जमीन लूट के मामले में अगर पूरी तरह से जांच हुई तो कई अधिकारियों पर कार्रवाई संभव है.

