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सीखना और जानना एक ही सिक्के के दो पहलू हैं: अभयानंद

by bnnbharat.com
April 19, 2020
in समाचार
सीखना और जानना एक ही सिक्के के दो पहलू हैं: अभयानंद

सीखना और जानना एक ही सिक्के के दो पहलू हैं: अभयानंद

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रांची: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद झारखंड के द्वारा चलाए जा रहे लेक्चर सीरीज के दौरान आज बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक शिक्षाविद तथा सुपर-30 जैसे संस्थान के संस्थापक का अभयानंद का उद्बोधन परिषद के फेसबुक पेज से ऑनलाइन किया गया.

उन्होंने अपने व्याख्यान में कहा कि सीखना और जानना एक ही सिक्के के दो पहलू हैं. एक अच्छा शिक्षक वही है जो किसी प्रश्न का उत्तर ज्ञान से ना देकर काउंटर क्वेश्चन पूछ कर खुद उस विद्यार्थी को उत्तर की तरफ अग्रसर करता है.

आज के समय में ज्ञान अर्जन तो करते हैं लेकिन सृजन नहीं करते हैं. हमें सोचने के लिए बाध्य नहीं किया गया हमें बस सिखाया गया है. कोई भी वस्तु क्या है कैसा है उसे जानने के लिए विवश नहीं किया गया.

आज के समय में बच्चों का दिमाग को प्रोसेसर नहीं बल्कि गैदरर बनाया जा रहा है. आज के परिवेश में शिक्षा धन ऊपार्जन का स्रोत बनकर रह गया है. बस किताबी ज्ञान से विद्यार्थियों को शिक्षित किया जा रहा है और उसके बदले मोटी रकम वसूली जा रही है. जो किसी भी मायनों में उचित नहीं है.

अभयानंद ने कहा कि शिक्षक तो वह होता है जिसे लर्निंग और क्नोइंग के बीच का भेद पता हो. आगे उन्होंने बताया कि पढ़ाई के साथ ही क्रिएटिविटी हो सकती है. पहले क्वेश्चन डिवेलप करना सीखना चाहिए फिर खुद ही उसके उत्तर की तरफ बढ़ना चाहिए तथा हमारे पास मौजूद साधनों से हल करने का कोशिश करना चाहिए.

स्कूलों की शिक्षा के ऊपर बताते हुए कहा कि स्कूल की व्यवस्था ना उसके बिल्डिंग से देखी जाती है ना उसके पोशाक से सुधर सकती है यह तभी सुधर सकती है जब विद्यार्थी और शिक्षक में इंटरेक्शन हो.

शिक्षक की नजर पारखी होनी चाहिए. बच्चों को देखकर ही उनके गुणों को समझ सकता हो. उन्होंने विद्यार्थियों को एकलव्य के एग्जांपल से समझाया कि सीखने के लिए हमेशा ही गुरु की आवश्यकता नहीं पड़ती, अपितु खुद ही सीखने के लिए प्रयासरत होना चाहिए.

इस वीडियो को 1बजे तक 11000+ ज्यादा छात्रों ने देखा तथा 31000+ से ज्यादा लोगों तक इसकी रीच पहुंची थी.

इस दौरान प्रान्त संगठन मंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ला, प्रदेश मंत्री राजीव रंजन देव पांडेय, सह मंत्री, एनईसी मेम्बर्स प्रदेश पदाधिकारी गण, प्रो.राजीव रंजन, प्रो.आनंद ठाकुर सहित अन्य कार्यकर्ता गण उपस्थित थे.

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