रांची: वैश्विक महामारी कोनोना संक्रमण काल में हर कोई शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए तरह-तरह के नुस्खे अपना रहा है. ऐसे में राजधानी रांची के लालगुटवा अवस्थित गीर गाय डेयरी फॉर्म इन दिनों सुर्खियों में है जहां लोग गीर गाय का दूध लेने के लिए दूर-दूर से आ रहे हैं.
कोरोना काल में हर किसी को अपने स्वास्थ्य की चिंता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए लोग तरह-तरह के नुस्खे भी अपना रहे हैं. गीर गाय का दूध इम्यूनिटी बूस्टर माना जाता है जिसकी आजकल रांची में ज़बरदस्त मांग है. उच्च शिक्षा प्राप्त युवा पशुपालक लाल कुशवाहा ध्वज नाथ शाहदेव ने मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी छोड़ रांची में ऑर्गेनिक दूध ए-मिल्क उत्पादन की शुरुआत की है तथा वे गीर गाय डेयरी का संचालन कर रहे हैं.
इस डेयरी फार्म में हर तरह की लगभग 200 गाय हैं. लाल कुशवाहा ध्वज नाथ शाहदेव खुद गाय के रखरखाव और खानपान पर विशेष ध्यान देते हैं. वे बताते हैं कि गाय के चारे के लिए वह ऑर्गेनिक खेती भी कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि युवा रोजगार की तलाश में न भटके, स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भरता प्राप्त करें और दूसरे को भी रोजगार दें. कुशवाहा ध्वजनाथ शाहदेव ने मौजूदा दौर में धन कमाने की होड़ बढ़ी है, लेकिन लोग अपनी कमाई में कितना भी जीरो क्यों न जोड़ ले, शरीर का स्वस्थ रहना जरुरी है, गीर गाय का डेयरी कोई रॉकेट साइंस नहीं है, मामूली समझ और प्रतिदिन की थोड़ी सी मेहनत से लोग अच्छी आय अर्जित कर सकते है. उन्होंने यह भी कहा कि जरुरी नहीं है कि लोग डेयरी के क्षेत्र में ही आये, हर व्यक्ति में सृजनात्मकता होती है, लोग अपनी क्रिएटिविटी को मरने न दें, अपनी इच्छानुसार काम कर खुश रहे और व्यक्ति के खुश रहने से ही तरक्की संभव है.
गाय के दूध को सर्वोत्तम और सम्पूर्ण आहार माना जाता है. इसमें मनुष्य के शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्व एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है, बशर्ते की दूध सही हो. इसके लिए स्वदेशी नस्ल की गाय गीर के दूध को सर्वोत्तम माना गया है.

