रांची: महिला विकास मंच के सार्थक प्रयास से एक अबला महिला सरिता शर्मा जिनकी उम्र 51 वर्ष है और पति का स्वर्गवास हो चुका है. पति के द्वारा अर्जित कुछ बैंक बैलेंस और कुछ प्रॉपर्टी है , जो सरिता देवी के लिए जी का जंजाल बन चुका है. जिस समय विश्व वैश्विक महामारी के दौर से गुजर रहा है उस वक्त मानवता और रिश्तों को शर्मसार करती कलयुग की विकृत मानसिकता और अधर्मी पुत्र पंकज कुमार शर्मा व बहू अंजना देवी के द्वारा सरिता शर्मा को प्रताड़ित और अत्याचार करने का मामला प्रकाश में आया है.
महिलाओं के संवैधानिक हक, घरेलू हिंसा, समानता का अधिकार और दहेज मुक्त भारत के लिए अग्रिम रूप से काम कर रही पंजीकृत सामाजिक संस्था महिला विकास मंच की अध्यक्षा निशी जयसवाल व उपाध्यक्षा रविंद्र कौर अपने बाकी कार्यकर्ताओं के साथ समय रहते पीड़िता सरिता शर्मा को तत्परता दिखाते हुए उनके घर मधुकम रातू रोड से प्राथमिक उपचार हेतु सदर अस्पताल व रिम्स ले जाकर मानवता को परिभाषित करते हुए उपचार करवाया.
साथ ही साथ सुखदेव नगर थाने में अध्यक्षा के द्वारा एफ आई आर दर्ज करवाया गया. महिला विकास मंच की उपाध्यक्ष रविंद्र कौर ने बताया कि संस्था की अध्यक्षा को खबर मिली की मधुकम, रातू रोड में विधवा सरिता शर्मा नामक महिला के साथ उनके बेटे व बहू के द्वारा मारपीट हो रही है. जानकारी मिलते ही रविंद्र कौर और निशी जयसवाल पीड़िता महिला के घर जा पहुंचे. जहां उन्हें पीड़िता से यह पता चला कि वह एक विधवा अबला नारी है और उसके पति के द्वारा अर्जित संपत्ति और पैसा जो पीड़िता सरिता शर्मा के नाम पर है को बेटा, बहू देवर और ननद मिलकर हड़पना चाहते हैं, और बार-बार पेपर और चेक बुक लाकर साइन करने को कहते हैं.
साइन नहीं करने पर उनको प्रताड़ित किया जाता है, मारा जाता है, खाने से वंचित कर दिया जाता है और आस पड़ोस के किसी भी व्यक्ति से मिलने नहीं दिया जाता है.
यह सिलसिला उनके पति की मृत्यु के बाद से लगातार चलता आ रहा है लेकिन मां की ममता हर बार यह सोचकर किसी भी तरह की कानूनी मदद लेने से परहेज करती रही कि बेटा एक ना एक दिन समझ जाएगा और घर में सुख शांति बहाल हो जाएगा, लेकिन दिन पर दिन बेटे और बहू की प्रताड़ना बढ़ता ही चली गयी.
बेटे और बहु ने मां को पैसे और प्रॉपर्टी के खातिर इतनी बेरहमी से मारा है कि पीड़िता शारीरिक और मानसिक रूप से क्षत-विक्षत हो गई है. रविंदर कौर ने पीड़िता की हालत देख मार्मिक होकर कहा – अबला स्त्री जीवन, तेरी यही कहानी – आंचल में दूध है -आंखों में पानी.
समाचार लिखे जाने तक एफ आई आर दर्ज हो जाने के बावजूद आरोपी बेटा, बहू व अन्य नामजद लोगों पर किसी भी तरह की प्रशासनिक तौर पर पूछताछ व कार्रवाई अभी तक नहीं होने की पुष्टि हुई है, इस गंभीर कुंठित सामाजिक व पारिवारिक विषय पर अति शीघ्र जांच कराकर संज्ञान लेने की सख्त जरूरत है.

