रांची: झारखंड ऊर्जा विकास समिति संघ के अध्यक्ष अजय राय ने प्रबंध निदेशक जेबीवीएनएल को एक ज्ञापन सौंपा है जिसके माध्यम से उन्होंने रांची बिजली वितरण के महाप्रबंधक सह:मुख्य अभियंता संजय कुमार पर अपने पद का दुरुपयोग कर कर्मियों को बिना एरियर का भुगतान किये अपने संबंधी को ठेका दे दिए जाने के खिलाफ शिकायत की है .
अजय राय ने कहा कि ने कहा कि 2017 से लेकर 2020 तक समय-समय पर श्रम विभाग द्वारा मजदूरी दर बढ़ाया है मगर आज तक झारखंड ऊर्जा विकास निगम मुख्यालय के आदेश के बाद भी संजय कुमार ने किसी कर्मियों का अभी तक भुगतान नहीं कराया है जो अमाउंट लगभग 5 करोड़ से ऊपर हो रहे हैं.
उन्होंने कहा कि कहीं ना कहीं नए एजेंसी को लाकर कर्मियों के एरियर को बंदरबांट करने की योजना इन्होंने बना रखी है जिसके तहत उन्होंने नया टेंडर करके यह खेल खेला है जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता . अजय ने कहा कि 48 घंटे के अंदर नया टेंडर रद्द कर कर्मियों का एरियर भुगतान नहीं किया जाता है तो झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ के हजारों कर्मी सीधा हड़ताल पर जाएंगे जिसकी सीधी जवाबदेही विभाग की होगी . झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ की ओर से दिए गए ज्ञापन की प्रति निम्न है. झारखंड ऊर्जा विकास निगम के रांची एरिया बोर्ड बिजली वितरण की ओर आकर्षित कराते हुए कहना चाहती है कि
हेमंत सोरेन के नेतृत्व में नई सरकार के गठन होने के उपरांत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी विभागों को यह आदेश दिया था की पुरानी सरकार में जो भी टेंडर निकाला गया है उसे तत्काल रद्द किया जाए , लगभग सारे विभागों ने पुराने निकाले गए टेंडर को रद्द कर दिया मगर रांची के महाप्रबंधक कार्यालय से निकाला गया उक्त टेंडर नम्बर NIT NO.46/PR/JBVNL/2019-20 निविदा को रद्द ना कर महाप्रबंधक अपने सम्बधी औऱ चहेते एजेंसी को देना चाहते हैं ,जिस फर्म के प्रबंधक के साथ महाप्रबंधक के संबंधी काम करना चाहते हैं ! वह फर्म के प्रबंधक पूर्व में किसी और नाम से झारखंड में काम कर रहा था जो वर्तमान में ब्लैक लिस्टेड है.
आनन-फानन में उस फर्म ने जय माता दी के नाम से नया फर्म बनाया है जो मूल रूप से पटना बिहार का है. ऐसे भी पिछले साल निकाले गए गए या टेडर में श्रम विभाग का न्यूनतम मजदूरी कुछ और थी और वर्तमान में यह लगभग 30 से 40 % मजदूरी दर बढ़ी है मगर इस ओर महाप्रबंधक का ध्यान नहीं है और ना अभी तक मजदूरों को बढ़े हुए दर पर मजदूरी और एरियर का भुगतान हो पाया है. वही पुराने संवेदक जो कोरोना के इस महामारी में भी अपनी सेवा विद्युत विभाग को सुचारू रूप से दे रहे हैं उन्हें सम्मानित करने की जगह उल्टा अपमानित कर रहे हैं और अपने चहेते को काम देने के जिद में सारे नियम कानून को ताक पर रखकर चलने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं जो अपने आप में गंभीर विषय है.
वर्तमान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यह घोषणा की है कि झारखंड के अंदर काम करने वाले स्थानीय ठेकेदार होंगे जो 25 करोड़ रुपए तक के काम को करेंगे . महाप्रबंधक संजय कुमार द्वारा इस टेंडर को रद्द नहीं किया जाना जिसकी मियाद खत्म हो चुकी है और लगभग 1 साल बाद भी इसे रद्द नहीं कर अपने चहेते को देने में यह राज्य के मुख्यमंत्री के आदेश की अवहेलना खुलेआम करने पर उतारू हैं जो खुले रूप से भ्रष्टाचार का मामला बनता है.
महाप्रबंधक संजय कुमार द्वारा पूर्व में भी जिस कंपनी को मीटर चेंज करने का आदेश दिया गया है उस कंपनी के साथ उनके संबंधी रांची एरिया बोर्ड में मीटर चेंजिंग के काम में लगे हुए हैं आप समझ सकते हैं कि जिस विभाग में जो अधिकारी का पोस्टिंग होता है उस विभाग में किसी भी काम में परिवार का सदस्य इन्वॉल्व नही हो सकता, मगर इस विभाग में इसे जांच कराकर देखा जा सकता है. यह मामला भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने के सबूत के लिए काफी हैं.
इससे पूर्व भी प्रबंध निदेशक महोदय कार्यालय सहित वरीय पदाधिकारियों को झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ की ओर से कई पत्राचार किए गए बावजूद इस पर कहीं कोई निर्णय नहीं लिए जाने से असमंजस की स्थिति पैदा हो रही है.
अतः आपसे विनम्र अनुरोध है कि पहले कर्मियों के एरियर का भुगतान सुनिश्चित कराये जाए इसके बाद नया टेंडर निकाल कर आगे की प्रक्रिया आरम्भ हो .

