रांची: कहते हैं कि आज के आधुनिक युग मे युवा वर्ग पहले कैरियर को प्राथमिकता देता है बाद में शादी करते हैं..लेकिन इस दंपति ने सामाजिक-पारिवारिक मर्यादाओं के पालन के लिए पहले शादी की प्राथमिकता दिया बाद में कैरियर साथ मे मिलकर बनाया.
मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती और सकारात्मक रूप से किया वह मेहनत कभी बेकार नहीं जाता. बीते मंगलवार को छठी जेपीएससी का परिणाम आया. इसमें काफी संख्या में विद्यार्थियों ने सफलता पाई, इनमें बड़कागांव के बादम गांव के रहने वाले एक ऐसे दंपत्ति भी शामिल हैं, जिन्होंने अपने पहले प्रयास में जेपीएससी में सफलता पाई.
पति गौतम को 32 वां रैंक मिला है वही उनकी पत्नी सुमन ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है. इन दोनों से बीएनएन भारत न्यूज़ ने विशेष बातचीत की. गौतम अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और अपने बड़े भाई जागो महतो को देते हैं. जो वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं. बातचीत के क्रम में गौतम ने कहा कि उनके बड़े भाई ने उनका सटीक मार्गदर्शन किया, साथ ही आत्मविश्वास और रेगुलर रिवीजन का भी लाभ उन्हें मिला. वर्तमान में गौतम पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर हैं और उनकी पत्नी सुमन पोस्टल डिपार्टमेंट में सहायक पोस्टमास्टर के पद पर कार्य कर रहीं हैं. एक सवाल के जवाब में गौतम बताते हैं कि पीटी निकालने के बाद हमने एक साल तक अपने लेखन कला को विकसित किया क्योंकि, मुख्य परीक्षा आपके लेखन कला में ही निर्भर करता है. हमने एक साल तक केवल लिखने का प्रयास किया, जिसका लाभ मिला.
छह से सात घंटे करते थे पढ़ाई
गौतम और उनकी पत्नी सुमन बताती हैं कि दोनों नियमित छह से सात घंटे पढ़ाई करते थे. नौकरी की वजह से पढ़ाई सिड्यूल करने में थोड़ी परेशानी होती थी लेकिन मैनेज हो जाता था. सुबह छह से आठ बजे तक पढ़ाई करते थे इसके बाद शाम छह बजे से रात के नौ बजे तक पढ़ाई किया करते थे. यह हम दोनों का रोज का रूटीन था. पीटी के बाद लगातार इसी रूटीन के आधार पर पढ़ाई करते थे.
खुद का नोट तैयार किया
सुमन बताती हैं कि उसने तैयारी में एनसीईआरटी और सरस्वती प्रकाशन की पुस्तकों का सहारा लिया. इन पुस्तकों को मिलाकर खुद का नोट तैयार किया और उसका लगातार रिवीजन किया.
संयुक्त परिवार है गौतम का
गौतम संयुक्त परिवार में रहते हैं. माता-पिता के अलावा भैया और भाभी भी रहते हैं.

