दिल्ली: नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने सोमवार को विभिन्न एयरलाइन कंपनियों से बीच की सीट को लेकर निर्देश जारी किया. डीजीसीए ने कहा है कि उड़ानों के दौरान सीटों को इस तरह से आवंटित किया जाए कि दो यात्रियों के बीच की सीटों को जहां तक संभव हो सके खाली रखा जाए.
डीजीसीए ने कहा कि अगर यात्रियों के अधिक दबाव के चलते बीच की सीट आवंटित की गई है तो उन्हें त्रि-स्तरित फेस मास्क के अतिरिक्त पूरी तरह से खुद को ढकने के लिए सुरक्षा उपकरण प्रदान किया जाना चाहिए.
मालूम हो कि एयर इंडिया के एक पायलट देवेन कनानी ने बंबई हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि दो यात्रियों के बीच वाली सीट खाली रखने से जुड़ी शर्त का एयर इंडिया पालन नहीं कर रही है. उन्होंने कहा था कि विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने में एयरलाइन ने कोरोना वायरस से जुड़े सुरक्षा कदमों का पालन नहीं किया.
भारत ने कोरोनो वायरस लॉकडाउन के कारण दो महीने के अंतराल के बाद 25 मई से अपनी घरेलू यात्री उड़ानों को फिर से शुरू किया है. नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अगस्त से पहले अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएं फिर से शुरू की जाएंगी. लॉकडाउन के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्रालय के नए दिशा-निर्देश के बाद डीजीसीए ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कॉमर्शियल यात्री उड़ानों का परिचालन 30 जून की मध्य रात्रि तक स्थगित रहेगा.

