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मनरेगा की 5 योजनाओं पर बिचौलियों ने किया कब्जा

मशीनों से हो रहे काम से मजदूर हलकान

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सिकन्दर शर्मा,

दुमका: दुमका जिले के रामगढ़ प्रखंड में मनरेगा की 5 योजनाओं में बिचौलिये इस कदर हावी हैं कि पहले तो सिर्फ मजदूरों की जगह मशीनों के प्रयोग की बात सामने आया करती थी किंतु अब प्रखंड के गंगवारा पंचायत अंतर्गत भाटीन गांव का एक किसान दुमका के पूर्व उपायुक्त मुकेश कुमार की ड्रीम परियोजना जल है जान है 2.0 की वजह से भुखमरी की कगार पर आ गया है.

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सुनने में थोड़ा अजब गजब लग रहा है कि कैसे कोई किसान मनरेगा की वजह से भुखमरी की कगार पर आ गया किंतु यह बिल्कुल सत्य है. रामगढ़ प्रखंड के गंगवारा पंचायत अंतर्गत भाटीन गांव में रहने वाले रामजीत महतो, गुलटन महतो, विनोद महतो, विनय कुमार, प्रमोद महतो इन सबों की जल है जान है 2.0 के तहत वित्त वर्ष 2018-19 में सिंचाई कूप स्वीकृति हुई थी किंतु उसे यह पता नहीं था कि यही कूप उसको दर दर की ठोकर खाने पर मजबूर कर देगा.

इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए रामजीत महतो व गुलटन महतो ने बताया कि सिंचाई कूप की स्वीकृति मिलने के बाद गांव के ही एक व्यक्ति जो कि प्रखंड में वेंडर भी है, के कहने पर कूप निर्माण कार्य चालू कर दिया गया. शुरू में तो उक्त वेंडर ने उसे 25 पैकेट सीमेंट और कुछ ईंटो को देकर उसे मास्टर रोल और कई कागजातों में दस्तखत करवा लिया किंतु फिर ना तो उसने कोई सामग्री दी और ना ही पैसे दिए. जबकि रामजीत महतो के योजना में अब तक 2 लाख से भी ज्यादा की निकासी हो चुकी है.

जानकारी के अनुसार पैसे के अभाव में उसने किसी तरह सिंचाई कूप का निर्माण अपनी गाढ़ी कमाई के जरिए जारी रखा लेकिन इसी बीच भारी बारिश की वजह से उसका अर्थ निर्मित कुआं धसने लगा. जब वह इस बात को लेकर वेंडरऔर वी.डि.यो. के पास प्रखंड मुख्यालय गया तो उसे खरी-खोटी सुनते हुए घर वापस भेज दिया गया.

shaktiman

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