BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

गलती झारखंड कंबाइंड की… ठीकरा फोड़ा एजेंसी पर, शिक्षा विभाग को नहीं दी गयी रिपोर्ट

by bnnbharat.com
August 26, 2019
in Uncategorized
गलती झारखंड कंबाइंड की… ठीकरा फोड़ा एजेंसी पर, शिक्षा विभाग को नहीं दी गयी रिपोर्ट
Share on FacebookShare on Twitter

राज्य के मेडिकल, इंजीनियरिंग, पोलिटेक्निक और अन्य पाठ्यक्रमों के लिए सीटें नहीं भरने का मामला

ब्यूरो चीफ
रांची
झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (जेसीइसीइबी) की गलती से इस बार राज्य के इंजीनियरिंग, मेडिकल, पॉलिटेक्निक, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, डेंटल कॉलेज, नर्सिंग संस्थानों की सीटें नहीं भर पा रही हैं. इसका ठीकरा कोलकाता की एजेंसी पर फोड़ा जा रहा है. इसको लेकर अब उच्चतर तकनीकी शिक्षा विभाग और जेसीइसीइबी के बीच उहापोह की स्थिति बनी हुई है. उच्चतर शिक्षा निदेशक प्रो अरुण कुमार का कहना है, कि इस बार सभी परीक्षाओं के लिए एकबारगी ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू कर दी गयी. इसकी तैयारी पहले से झारखंड कंबाइंड कार्यालय की तरफ से नहीं की गयी थी. उन्होंने कहा कि कोलकाता की एजेंसी यूएमसी टेक्नोलॉजी को ऑनलाइन काउंसलिंग का जिम्मा दे दिया गया.

राज्य सरकार की तरफ से सिर्फ इंजीनियरिंग के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग करने का संकल्प निकाला गया था, पर जेसीइसीइबी की तरफ से मेडिकल और पॉलिटेक्निक संस्थानों के लिए भी ऑनलाइन काउंसलिंग कराने का निर्णय लिया गया. झारखंड कंबाइंड के परीक्षा नियंत्रक दिलीप कुमार झा के आदेश पर पॉलिटेक्निक इंट्रेंस प्रतियोगिता परीक्षा, डिप्लोमा एंट्रेंस प्रतियोगिता परीक्षा, जेईई मेंस-2019 के आधार पर इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला और राज्य के कृषि, वानिकी और डेयरी टेक्नोलॉजी तथा मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए भी ऑनलाइन काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी. इस दरम्यान मेधा सूची के ऑनलाइन प्रकाशन में गड़बड़ी की शिकायतें भी सामने आयीं. इतना ही नहीं आर्थिक रूप से पिछड़े, उच्च वर्ग के बच्चों की वरीयता सूची भी गड़बड़ प्रकाशित कर दी, जिससे दाखिले के बाद भी 48 बच्चों का नामांकन रद्द कर दिया गया.

01 अगस्त तक काउंसलिंग कर देनी थी पूरी

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में सभी राज्यों को इंजीनियरिंग, मेडिकल, अन्य पाठ्यक्रमों को लेकर काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी कर देनी थी, पर झारखंड में पूरे अगस्त भर काउंसलिंग की प्रक्रिया चल ही रही है. इंजीनियरिंग की आधी सीटें खाली हैं. मेडिकल कॉलेजों में भी विशेष काउंसलिंग करायी जा रही है. सूत्रों का कहना है कि पॉलिटेक्निक संस्थानों में 14 हजार सीटों में से आधे भी नहीं भरे हैं. वहीं 22 हजार आइटीआइ की सीटें भी अब तक नहीं भर पायी हैं.

Share this:

  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on X (Opens in new window) X

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ चिदंबरम की अर्जी पर SC में सुनवाई आज

Next Post

53 सेकंड में महिला टीम ने फोड़ी मटकी, जीता पुरस्कार

Next Post
53 सेकंड में महिला टीम ने फोड़ी मटकी, जीता पुरस्कार

53 सेकंड में महिला टीम ने फोड़ी मटकी, जीता पुरस्कार

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d