रवि सिंह,
गोरखपुर: बाढ़ की त्रासदी अब देश में नियमित हो गई है, जीवन के लिए जो जल जीवनदाई वरदान है वही कभी-कभी विकराल रूप ले अभिशाप साबित हो जाता है. इन आपदाओं से निपटने के लिए केंद्र व राज्य सरकारे सामूहिक प्रयास कर रही हैं. इन परिस्थितियों से निजात पाने के लिए एनडीआरएफ द्वारा अन्य हितधारकों व नागरिकों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण देकर तैयार किया जा रहा है.
अवगत कराना है की गोरखपुर जिले के 200 आपदा मित्रो को जिला प्रशासन की पहल पर एनडीआरएफ ने विगत साल 28 दिवसीय आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया था. आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में आपदा मित्रों को प्रशिक्षण देने का आशय प्रशाशन एवं नागरिकों में आपदा के समय बेहतर तालमेल एवं जन समुदाय को जागरूक करना था जिससे आने वाले समय में प्रदेश में बाढ़, भूकंप व अन्य किसी भी आपदा में बेहतर प्रबंधन किया जा सके.
इन आपदा मित्रों को एनडीआरएफ जिला प्रशासन के साथ मिलकर समय-समय पर रिफ्रेशर ट्रेनिंग देती रहती है. आज एनडीआरएफ की एक प्रशिक्षित टीम मास्टर ट्रेनर निरीक्षक डीपी चंद्रा के नेतृत्व में अपने अत्याधुनिक उपकरण सहित राजघाट के राप्ती नदी के तट पर 50 आपदा मित्रों को बाढ़ में जीवनरक्षण, तैराकी संबंधी टेक्निक, डूबत हुए को बचाना, सर्पदंश और चोट लगने पर प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण दिया. प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये आपदा मित्र जिले के विभिन्न स्थानों पर तैनात रहकर डिजास्टर मैनेजमेंट कम्युनिटी का निर्माण करेंगे, जनसामान्य को प्रशिक्षित करेंगे संक्रामक बीमारियों से बचने के तरीकों के बारे में भी लोगों को जानकारी दिए
कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला आपदा विशेषज्ञ गौतम गुप्ता, व एनडीआरएफ के 25 जवान उपस्थित थे.

