राहुल मेहता,
रांची: देश की परिस्थिति महिलाओं की स्थिति से ज्ञात होती है. आज चारों ओर महिलाओं की स्थिति को लेकर आशंका है, असुरक्षा की भावना है और आक्रोश भी है.
16 दिसंबर आज भी निर्भया पर हुए बर्बरता और उस जैसे लाखों दुष्कर्म के मामलों का प्रतीक बन गया है. इस वर्ष उम्मीद थी कि निर्भया के दोषियों को 16 दिसंबर को ही फांसी मिलेगी.
देश कौतूहलता भी थी. परंतु जैसे ही यह खबर आई कि दोषियों की सुनवाई 18 दिसंबर को होगी उम्मीदें निराशा में बदल गई.
निराशा के बादल आज थोड़ी छटती हुई नजर आई, जब उन्नाव मामले के दोषी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को तीस हजारी अदालत ने दोषी माना. साथ ही सीबीआई को मामले में विलंब से चार्जशीट दाखिल करने के लिए फटकार लगाई.
दुष्कर्म मुद्दे पर सख्त कानून एवं त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे संगठनों ने इस फैसले पर हर्ष जताई और यह उम्मीद जताया की देश में दुष्कर्म पर त्वरित न्याय हेतु शीघ्र कोई कानून बनेगा. यही नहीं कानूनी प्रक्रिया के विलंब एवं इसका पालन ना करने वाले जवाबदेह भी दोषी माने जाएंगे.

