नई दिल्ली: कोरोना संक्रमण की महामारी के कारण मानसून सत्र में देरी की आशंकाओं के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रविवार को उम्मीद जताई कि इसकी शुरुआत समय पर होगी. सामान्य तौर पर मानसून सत्र की शुरुआत जून के अंतिम या जुलाई के पहले सप्ताह में होती है. पिछले साल मानसून सत्र 20 जून को शुरू हुआ था और सात अगस्त तक चला था.
बिरला ने खास बातचीत में कहा, ‘कोरोना संक्रमण के बावजूद हमें उम्मीद है कि मानसून सत्र समय पर होगा. हालांकि, यह उस समय की स्थितियों पर निर्भर करेगा.’ अगर जून-जुलाई में भी शारीरिक दूरी के नियम का कड़ाई से अनुपालन कराया जाता रहा तो क्या मानसून सत्र का संचालन संभव होगा?
इस पर बिरला ने कहा कि तब स्थितियों के अनुरूप रास्ता निकाला जाएगा. उन्होंने कहा, ‘इस महामारी और लॉकडाउन के बीच पार्टी लाइन से इतर सभी दलों के सांसद लोगों की हरसंभव मदद कर रहे हैं. उनकी तारीफ होनी चाहिए और मैं उन्हें धन्यवाद देता हूं.’
देश के केंद्रीय नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए बिरला ने कहा, ‘परीक्षा की इस घड़ी में हमारे देश के नेतृत्व को जनता से समर्थन मिला. विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी हालात को बहुत अच्छे तरीके से संभाला है.’ विशेषज्ञों की राय है कि कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण संसद का मानसून सत्र सितंबर के आखिरी सप्ताह तक टल सकता है, क्योंकि संविधान संसद के दो सत्रों के बीच अधिकतम छह महीने के अंतराल की अनुमति देता है. इस महामारी के कारण बजट सत्र भी तय अवधि से 10 दिन पहले ही 23 मार्च को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा था.

