रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे, लाल किशोरनाथ शाहदेव और राजेश गुप्ता छोटू ने दुमका में एक आदिवासी महिला के साथ दुष्कर्म को राजनीतिक हथियार का हथकंडा बनाये जाने पर दुःख व्यक्त करते कहा कि समाज में हो रही ऐसी घटनाओं पर अंकुश को लेकर यदि उनके पास कोई ठोस सुझाव है, तो उन्हें सुझाव देना चाहिए, राज्य सरकार उन सुझावों पर अमल करेगी, लेकिन किसी नारी सम्मान को मजाक बनाया कहीं से उचित नहीं है.
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि सरकार किसी की भी हो, दुष्कर्म और महिलाओं पर उत्पीड़न की घटना को सभ्य समाज में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. ऐसी घटनाओं को सिर्फ इसलिए मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए कि यह यूपीए शासनकाल में हुई या फिर भाजपा शासनकाल में हो, बल्कि ऐसी घृणित घटनाओं पर अंकुश लगे, इसके लिए पूरे समाज को एकजुट होकर और दलगत भावना से ऊपर उठकर सोचने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार में जब भी ऐसे दुःखद मामले सामने आते है, तो सरकार किसी भी आरोपियों को बचाने की जगह आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी सुनिश्चित करती है और पुलिस महानिदेशक एमवी राव के नेतृत्व भी झारखंड पुलिस इस दिशा में तेजी से काम कर रही है.
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोरनाथ शाहदेव ने कहा कि देशभर के आपराधिक मामलां के रिकॉर्ड को देखा जाए, तो भाजपा को झारखंड में हो रही घटनाओं के अलावा पड़ोसी राज्य बिहार और भाजपा शासित उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों के आंकड़ों पर भी गौर करना चाहिए. भाजपा नेताओं को यह भी याद करना चाहिए कि पूर्ववर्ती रघुवर दास सरकार में देश में महिलाओं के साथ अपराध के मामलों में कितना इजाफा हुआ था.
प्रदेश प्रवक्ता राजेश गुप्ता छोटू ने कहा कि झारखंड सरकार भाजपा शासित राज्य उत्तर प्रदेश में हाथरस की घटना के आरोपियों को पकड़ने की जगह मामले को दबाने के प्रयास में कमी नहीं रही, झारखंड में किसी मामले पर पर्दा डालने की कार्रवाई नहीं हुई, बल्कि जब भी ऐसे मामले सामने आये, कानून ने अपना किया.

