– 2 सितंबर से शुरू हो रहा है वेजिगो की सुविधा
– चार लोगों की टीम ने शुरू किया है यह सुविधा
– जिला प्रशासन के साथ मिलकर करेंगे काम
– इस टीम में इंजीनियर से लेकर पीएचडी छात्राएं शामिल हैं
रांची: मनपसंद सब्जियां खरीदने के लिए अब आपको बाजार जाने की जरूरत नहीं, क्योंकि 2 सितंबर से रांची में वेजिगो की सुविधा शुरू हो रही है. इसके जरिये आप अपनी मनपसंद सब्जियां तो मंगा ही सकते हैं, साथ ही खाद्यान्न भी आर्डर कर सकते है.
वेजिगो आपके हर जरूरत की चीजों को आपके घर तक पहुंचाएगा. बस, इसके लिए आपको वेजिगो मोबाइल ऐप को डाउनलोड करना होगा. यह पूरी तरह से ऑनलाइन सुविधा है. यह सुविधा जिला प्रशासन के साथ मिलकर किया जाएगा. इसकी अगुवाई पंडरा बाजार समिति के सचिव अभिषेक कुमार कर रहे हैं.
हाइजेनिक का पूरा ख्याल रहेगा:
जो सब्जियां आपके घर तक पहुंचेगी वो पूरी तरह से हाइजेनिक होगी, अच्छी तरह से साफ की जाएंगी. उम्दा पैकेजिंग भी रहेगी. इसकी मॉनिटरिंग हमारे सदस्य करेंगे. सब्जियां आपको मार्केट दर पर मुहैया कराये जाएंगे.
रोजगार के साथ-किसानों को उत्पाद के अच्छी कीमत भी मिलेगी: विकास
टीम की अगुवाई कर रहे विकास ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से लोगों को बहुत परेशानी हुई. इससे किसान भी अछूते नहीं रहे. उनको उनके उत्पादों की सही कीमत नहीं मिली. इस वजह से स्टार्टअप के तौर पर यह सुविधा शुरू की जा रही है. हमारा एक सोंच यह भी है की किसानों को उनके उत्पादों की सही कीमत मिले. उन्होंने कहा कि रोजगार का भी अवसर प्रदान किया जाएगा.
जगह-जगह ठेले भी लगाए जाएंगे:
विकास ने बताया कि दूसरे चरण में जगह-जगह सब्जियों और फलों के ठेले भी लगाए जाने की योजना है. इसके लिए शहर में 50 ऐसे स्थान चिन्हित किये जाएंगे जहां इन ठेलों को को लगाए जाएंगे. ठेले वालों सैनिटाइजर, मास्क और ग्लव्स टीम के द्वारा दिया जाएगा. ताकि, अपनी और दूसरों की सुरक्षा का भी ख्याल रहे.
वर्ष 2019 में हजारीबाग से शुरू हुआ था:
विकास ने बताया की यह सुविधा ओम्बल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड प्रोजेक्ट के जरिये शुरू किया गया है.
मोबाइल ऐप के अलावा व्हाट्सअप के जरिये भी आर्डर कर सकते हैं:
बताया गया की लोग मोबाइल ऐप के अलावा अपना आर्डर व्हाट्सअप के जरिये भी कर सकते हैं. ये नंबर 9934125399 और 7991154315 हैं.
शुल्क भी तय है:
डोर तो डोर सुविधा देने के लिए शुल्क भी तय है. दो तरह के शुल्क हैं. पहला जो एक्सप्रेस चार्ज और दूसरा नार्मल चार्ज है. एक्सप्रेस चार्ज उनको लगेंगे जिन्हें सामान जल्दी चाहिए. इसके लिये 30 रुपए शुल्क निर्धारित है. इसके अलावा नार्मल शुल्क 20 रुपए निर्धारित है.
टीम के सदस्यों के नाम:
इस टीम में इंजीनियर, पीएचडी कर रही और एग्रीकल्चर से जुड़े लोग शामिल हैं. जो नौकरी छोड़ कर सेवाभाव से काम कर रहे हैं.
विकास कुमार: बीआईटी मेसरा से पीजी की पढ़ाई की और जिंदल में 10 वर्षो तक काम किया, फिर नौकरी छोड़ स्टार्टअप के तौर पर अभियान शुरू किया. इनके साथ प्रियांशु भी हैं, जिन्होंने पुणे से इंजीनियरिंग की पढाई की और इसमे जुड़ गए.
इनके अलावा श्वेता भी हैं, जिन्होंने एग्रीकल्चर में पीएचडी की हैं, इनके अलावा ऋचा भी इस कार्य में अपना सहयोग दे रही है. सभी सदस्यों को जिम्मेवारी भी तय कर दी गई हैं.






