BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

NTPC की बढ़ी मुश्किलें, रैयतों के घरों को तोड़ने के मामले ने पकड़ा तूल

by bnnbharat.com
January 4, 2021
in समाचार
NTPC की बढ़ी मुश्किलें, रैयतों के घरों को तोड़ने के मामले ने पकड़ा तूल
Share on FacebookShare on Twitter

जिला प्रशासन द्वारा दोषियों पर कार्रवाई व एनटीपीसी से मुआवजा मिलने में हो रही देरी से नाराज रैयत पहुंचे हाईकोर्ट

चतरा: चतरा के टंडवा प्रखंड में संचालित नार्थ कर्णपुरा पॉवर प्रोजेक्ट प्रबंधन द्वारा अधिग्रहित क्षेत्र से बाहर रैयती भूमि पर बने ग्यारह रैयतों का मकान जबरन तोड़े जाने के मामले में एनटीपीसी अब चौतरफा घिरता जा रहा हैं. मामले में एनटीपीसी प्रबंधन के साथ-साथ जिला प्रशासन की भी मुश्किल बढ़ती नजर आ रही हैं.

एनटीपीसी द्वारा रैयतों का घर तोड़े जाने का मामला अब पूरी तरह तूल पकड़ लिया है. पीड़ित भु-रैयतों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया हैं. दो माह बीत जाने के बावजूद किसी तरह का समाधान नहीं निकलने व दोषी एनटीपीसी प्रबंधन पर कार्रवाई में देरी से परेशान भु-रैयतों ने हाईकोर्ट के शरण में जाकर न्याय का गुहार लगाया हैं. जिसके बाद रांची हाईकोर्ट के अधिवक्ता मितुल कुमार ने एनटीपीसी प्रबंधन समेत जिला के वरीय अधिकारियों से कोर्ट में अपना जबाब दाखिल करने को ले नोटिस भेजा है.

मामले में एनटीपीसी प्रबंधन के अलावे जीएम, डीसी, डीएलओ और टंडवा अंचल अधिकारी को आरोपी बनाया गया है. रैयतों का आरोप है कि एनटीपीसी के कार्यकारी निदेशक असीम गोस्वामी के आदेश पर जीएम परियोजना तजेंद्र गुप्ता व सुहेल खान के द्वारा रैयतों के दस घरों को बगैर किसी सूचना तोड़ दिया था.

एनटीपीसी बाउंड्रीलाइन से सटे राहम मौजा के खाता 735 में सभी रैयती भूमि पर भुरैयतों का मकान तोड़ दिया गया था. मकान तोड़ने के बाद टंडवा सीओ द्वारा मामले की जांच कर दस मकान अति छतिग्रस्त किए जाने की रिपोर्ट सौंपी गई थी. बावजूद दो महीने बीत जाने के बाद भी ना ही जिला प्रशासन द्वारा एनटीपीसी पर कार्रवाई की गई और ना ही तोड़े गए दस मकान का मुआवजा ही रैयतों को दिया गया.

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

झारखंड के सभी लोगों को दी जाएगी कोरोना वैक्सीन: स्वास्थ्य मंत्री

Next Post

हाथियों ने बरपाया कहर, मचाया उत्पात, फसलों को रौंदा

Next Post
आबादी वाले क्षेत्र में जंगली हाथियों के प्रवेश से ग्रामीण दहशत में

हाथियों ने बरपाया कहर, मचाया उत्पात, फसलों को रौंदा

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d