रांची: गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश के सर्वाच्च नागरिक सम्मान पाने वाले हस्तियों के नाम की घोषणा की गयी.
झारखंड के गुरु शशिधर आचार्य और मधु मंसूरी हंसमुख को पद्मश्री अवार्ड से नवाजे जाने की घोषणा की गयी. दोनों को कला के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए यह अवार्ड मिला है.
वहीं देश के सात प्रमुख हस्तियों को पद्म विभूषण सम्मान के लिए चुना गया है, जबकि 16 शख्सियतों को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है.
पद्म विभूषण और पद्म भूषण के साथ-साथ पद्मश्री पुरस्कारों का भी एलान कर दिया गया है. इस साल कुल 118 लोगों को पद्मश्री सम्मान के लिए चुना गया है.
पद्म विभूषण और पद्म भूषण भारत रत्न के बाद देश के क्रमशः दूसरे और तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान हैं. इस बार विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय काम करने वाले 118 हस्तियों को पद्मश्री सम्मान देने की घोषणा की गई.
इनमें लंगर बाबा के नाम से प्रसिद्ध जगदीश लाल अहूजा, 21 हजार लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने वाले मोहम्मद शरीफ, कश्मीर में दिव्यांग बच्चों के लिए काम करने वाले जावेद अहमद टाक, जंगलों की एनसाइक्लोपिया के रूप में जाने जानी वाली तुलसी गौडा सहित 118 लोग शामिल हैं.
सरायकेला छऊ गुरु शशधर आचार्य को पूर्व में भी झारखंड सरकार की ओर से प्रशस्ति पत्र और एक लाख रुपये की राशि देकर सम्मानित किया जा चुका है. शशिधर आचार्य ने छऊ नृत्य को उचाईयों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभायी और वे कई देशों में ऊ नृत्य का प्रदर्शन कर चुके है और काफी सम्मान भी बटोरे हैं.
वर्तमान में वे नई दिल्ली में संस्था की एक शाखा संचालित कर रहे है, जिसमें कलाकारों को सरायकेला छऊ नृत्य की शिक्षा दे रहे है.
वहीं मधु मंसूरी हंसमुख झारखंड के प्रसिद्ध गायक है. इन्होंने कई नागपुरी गीत लिखा और गाया. झारखंड अलग राज्य के आंदोलन के समय भी इन्होंने कई गीत लिखा और गया और 2011 में इन्हें झारखंड रत्न से भी सम्मानित किया गया था. झारखंड आंदोलन में सर्वाधिक प्रेरक गीत गाने का रिकार्ड लोकप्रिय गायक मधु मंसूरी ने ही बटोरा है.

