रांचीः झारखंड की बिजली व्यवस्था आउट ऑफ कंट्रोल हो गई है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी की पत्नी ने भी ट्वीट कर कहा है कि राजधानी रांची के लोगों को बिजली की कटौती हर दिन झेलनी पड़ रही है. यह चार से पांच घंटे तक की होती है. बिजली कटौती का कोई कारण भी नहीं है. न तो मौसम खराब है और न ही कोई पर्व. वहीं बिजली वितरण निगम ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में 13541 करोड़ रुपए बिजली खरीद व रिपयेर मेनटेनेंश के लिए प्रावधान रखा है. इस राशि की स्वीकृति भी मिल चुकी है. अगर बिजली वितरण निमग के आंकड़े को देखें तो 1 अगस्त से 19 सितंबर तक 2836 मेगावाट बिजली सरेंडर की. मतलब बिजली अधिक होने के बावजूद भी आपूर्ति नहीं हो पा रही है. ऐसा सप्लाइ सिस्टम दुरुस्त नहीं होने के कारण हो रहा है. अब तक राजधानी में अंडर ग्राउंड केबलिंग करने वाली कंपनी पॉलीकैब ने भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं किया है. जबकि करार की मियाद भी पूरी हो गई है.
साल दर साल बढ़ा है बिजली खरीद व रिपेयर मेनटेनेंश का कॉस्ट
झारखंड में साल दर साल बिजली खरीद व रिपेयर मेनटेनेंश का कॉस्ट बढ़ा है. 2016-17 में बिजली खरीद व रिपयेर-मेनटेनेंश में 6298 करोड़ रुपए, 2017-18 में 6253 करोड़ रुपए, 2018-19 में 6237 करोड़ रुपए खर्च किए गए. जबकि 2019-10 में 13541 करोड़ रुपए बिजली खरीद व रिपेयर मेनटेनेंश में खर्च किए जाएंगे.
अब बिजली आपूर्ति के लिये 8109 करोड़ का प्रोजेक्ट
अब वर्ल्ड बैंक से 2311 करोड़ कर्ज लेकर 61 ट्रांसमिशन लाइन और ग्रिड सब स्टेशन बनाने की योजना बनाई गई है, इसके अलावा पीपीपी मोड से 59 ग्रिड सब स्टेशन व ट्रांसमिशन लाइन बनेगी. इस प्रोजेक्ट में 4605 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. राज्य योजना से 35 ग्रिड सब स्टेशन व ट्रांसमिशन लाइन 1193 करोड़ की लागत से बनाये जायेंगे. कुल 8109 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है. लेकिन इन सभी प्रोजेक्टों को पूरा होने में और दो साल लगेगा.
वितरण निगम का अब भी रेवेन्यू गैप 692.70 करोड़
वित्तीय वर्ष 2015-16 में झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम का रेवेन्यू गैप 855.52 करोड़ रुपये का था. इसके बाद 2016-17 और 2018 में बिजली वितरण निगम का रेवेन्यू गैप घटकर 705.22 करोड़ रुपये का हुआ. वहीं 2018-19 में रेवेन्यू गैप बढ़कर 1785.68 करोड़ रुपये हो गया. आगामी वित्तीय वर्ष में 2019-20 में रेवेन्यू गैप 692.70 करोड़ का है.
किस दिन कितने मेगावाट बिजली सरेंडर
एक अगस्त- 86, दो अगस्त- 86 मेगावाट, छह अगस्त- 165 मेगावाट,सात अगस्त-134 मेगावाट, आठ अगस्त- 154 मेगावाट, 10 अगस्त- 130 मेगावाट, 11 अगस्त-110 मेगावाट, 12 अगस्त- 214 मेगावाट, 13 अगस्त- 132 मेगावाट, 16 अगस्त- 30 मेगावाट, 18 अगस्त- 100 मेगावाट, 19 अगस्त- 128 मेगावाट, 22 अगस्त- 64 मेगावाट, 24 अगस्त- 156 मेगावाट, 25 अगस्त- 302 मेगावाट, 26 अगस्त- 126 मेगावाट, 27 अगस्त- 36 मेगावाट, 31 अगस्त- 40 मेगावाट
एक सितंबर- 146 मेगावाट, दो सितंबर-126 मेगावाट, चार सितंबर- 30 मेगावाट, पांच सितंबर- 54 मेगावाट, छह सितंबर- 50 मेगावाट, सात सितंबर- 40 मेगावाट, 12 सितंबर- 50 मेगावाट, 13 सितंबर- 37 सितंबर, 17 सितंबर- 40 मेगावाट और 19 सितंबर को 70 मेगावाट बिजली सरेंडर की गई.

