रांचीः प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आरपीएन सिंह ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह झारखंड में विधानसभा चुनाव को डाइवर्ट और डिस्ट्रक्ट कर रहे हैं. चुनाव में असल मुद्दों को छोड़कर यह दोनों मिलकर मतदाताओं को मूल मुद्दों से भटकाने का काम कर रहे हैं.
झारखंड में भूख से लोगों की मौत हो रही है, भीड़ की हिंसा के अब तक कई लोग शिकार हो चुके हैं, बेरोजगारी के कारण युवा पलायन कर रहे हैं. आर्थिक मंदी की ऐसी स्थिति है कि सैकड़ों छोटे उद्योग बंद हो गए हैं. लेकिन सरकार इन मुद्दों पर बात करने के लिए तैयार नहीं है. पारा टीचर और आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं को लाठी डंडे से मारा जा रहा है.
महागठबंधन की ही सरकार बनेगी
आरपीएन सिंह ने एक बार फिर से दोहराया कि आगामी 23 दिसंबर को महागठबंधन की सरकार बनेगी. कांग्रेस ने घोषणा पत्र में जिन विषयों की चर्चा की है उन सभी पर सरकार बनने के साथ ही काम शुरू कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कहती है कि झारखंड में नक्सलवाद का सफाया हो गया है.
वहीं इलेक्शन कमिशन की रिपोर्ट में इसके ठीक विपरीत कहा जाता है कि 19 जिले नक्सल प्रभावित हैं जिस कारण 5 चरणों में चुनाव कराया जा रहा है. भाजपा पर आरोप लगाते हुए प्रदेश प्रभारी ने कहा कि 5 साल पहले भी भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कई वायदे किए थे जिस पर आज तक अमल नहीं किया गया. एक बार फिर से घोषणा पत्र के माध्यम से उन्हीं सब बिंदुओं पर भाजपा लोगों का ध्यान भटकाना चाहती है. भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने की बात करने वाली भाजपा खुद भ्रष्टाचार में लिप्त उम्मीदवारों को विधानसभा चुनाव में टिकट देकर चुनाव जीतना चाहती है.

