BnnBharat | bnnbharat.com |
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य
No Result
View All Result
BnnBharat | bnnbharat.com |
No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

आरटीआई को जवाब नहीं दे रहे प्राचार्य, लग रहे अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप

by bnnbharat.com
January 16, 2020
in समाचार
आरटीआई को जवाब नहीं दे रहे प्राचार्य, लग रहे अपराधियों को संरक्षण देने के आरोप
Share on FacebookShare on Twitter

चतरा : विनोबा भावे व विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित चतरा जिले का एकमात्र सरकारी कॉलेज चतरा महाविद्यालय इन दिनों फिर से चर्चा में है. चर्चा का कारण है विश्वविद्यालय द्वारा नियुक्त अतिथि सहायक प्राध्यापकों (असिस्टेंट प्रोफेसर) का पूर्व प्राचार्य प्रो.तेजनारायण सिंह के द्वारा बगैर चरित्र सत्यापन व चरित्र प्रमाण पत्र लिए महाविद्यालय में ज्वाईन कराना. दरअसल हजारीबाग के सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. आनंद शाही ने चतरा महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त कई अतिथि सहायक प्राध्यापकों पर आपराधिक मामले दर्ज होने के आरोप लगाते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन से उनके नियुक्ति व चरित्र सत्यापन से संबंधित दस्तावेजों की मांग की है. उन्होंने आरोप लगाया है कि महाविद्यालय में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण तालीम देने के उद्देश्य से नौकरी ज्वाईन करने वाले अतिथि सहायक प्राध्यापकों के विरुद्ध उनके गृह क्षेत्र से संबंधित थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं. ऐसे में उनकी नौकरी न चली जाए इस उद्देश्य से उनलोगों ने विश्वविद्यालय व महाविद्यालय से साक्ष्य छुपाकर फर्जीवाड़ा करते हुए नौकरी ज्वाईन कर ली.

डॉ. शाही ने यह भी आरोप लगाया है कि अतिथि सहायक प्राध्यापकों के इस फर्जीवाड़े में पूर्व प्राचार्य प्रो.टीएन सिंह ने भी उन्हें मदद पहुंचाई है. क्योंकि उन्होंने ही विश्वविद्यालय के सारे नियम व कानून को ताख पर रखकर बगैर दस्तावेज सत्यापन व पुलिस द्वारा निर्गत चरित्र प्रमाण पत्र लिए उन्हें कॉलेज में ज्वाईन करा लिया. सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि मामला संज्ञान में आते ही विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग के जन सूचना पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने भी विगत 25 नवंबर को तत्कालीन प्राचार्य सिंह को मामले से संबंधित संपूर्ण जानकारी आवेदक को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था. बावजूद प्राचार्य ने न तो विश्वविद्यालय प्रबंधन की चिट्ठी को तरजीह दी और न ही नवनियुक्त अतिथि सहायक प्राध्यापकों से संबंधित चरित्र प्रमाण पत्र जो उनके गृह थानों से निर्गत हो महाविद्यालय में जमा कराने की जहमत उठाई. उन्होंने विभावि के जन सूचना पदाधिकारी के चिट्ठी को ही दबा दिया.

लेकिन अब महाविद्यालय के प्राचार्य श्री सिंह सेवानिवृत्त हो चुके हैं और उनके रिटायरमेंट के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सीनियर प्रोफेसर डॉ. रामानंद पांडेय को नए प्राचार्य का दायित्व सौंपा है. ऐसे में अब भी अगर आपराधिक क्षवि के अतिथि सहायक प्राध्यापकों का चरित्र प्रमाण पत्र जमा कराते हुए उनपर ससमय कार्रवाई नहीं की गई तो नए प्राचार्य के विश्वसनीयता पर भी न सिर्फ सवालिया निशान खड़ा होगा, बल्कि महाविद्यालय प्रबंधन पर लग रहे आरोप भी सिद्ध हो जाएंगे.

क्या कहते हैं आवेदक

आवेदक डॉ आनंद शाही ने कहा है कि नियमों के मुताबिक किसी भी सरकारी संस्थान में नए अधिकारी व कर्मी के नियुक्ति से पूर्व उसके शैक्षणिक दस्तावेजों के साथ-साथ उसके गृह थाना व स्थानीय पुलिस द्वारा निर्गत चरित्र प्रमाण पत्र का सत्यापन कराना जरूरी होता है. लेकिन तत्कालीन प्राचार्य ने इन नियमों को ताख पर रखकर महाविद्यालय में आपराधिक क्षवि के अतिथि सहायक प्राध्यापकों को नियमविरुद्ध ज्वाईन कराकर कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास किया है। क्यूंकि अपराधी अपराध को बढ़ावा दे सकता है न कि बच्चों का सही भविष्य गढ़ सकता।

क्या कहते हैं प्राचार्य

जब इस मामले में चतरा कॉलेज के वर्तमान प्राचार्य डॉ. रामानंद पांडेय से पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जताते हुए कार्रवाई की बात कही है। कहा है किम विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अतिथि सहायक प्राध्यापकों के नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज व चरित्र सत्यापन का पत्र महाविद्यालय को भेजा गया है इसकी जानकारी नहीं है। मैं मामले की जानकारी लेकर अविलंब नवनियुक्त अतिथि सहायक प्राध्यापकों को शैक्षणिक व पुलिस द्वारा निर्गत चरित्र प्रमाण पत्र जमा कराने का आदेश पत्र निर्गत कर दूंगा। प्राचार्य ने कहा है कि नियुक्ति नियमावली का हरहाल में पालन किया जाएगा।

Share this:

  • Click to share on Facebook (Opens in new window)
  • Click to share on X (Opens in new window)

Like this:

Like Loading...

Related

Previous Post

ऑटो चालक की हत्या, गाड़ी भी क्षतिग्रस्त, तीन पर FIR दर्ज

Next Post

ओडिशा के कटक में ट्रेन हादसा, पटरी से उतरी लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, 40 यात्री घायल

Next Post
ओडिशा के कटक में ट्रेन हादसा, पटरी से उतरी लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, 40 यात्री घायल

ओडिशा के कटक में ट्रेन हादसा, पटरी से उतरी लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस, 40 यात्री घायल

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • Privacy Policy
  • Admin
  • Advertise with Us
  • Contact Us

© 2025 BNNBHARAT

No Result
View All Result
  • समाचार
  • झारखंड
  • बिहार
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • औषधि
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी करेंट अफेयर्स
  • स्वास्थ्य

© 2025 BNNBHARAT

%d