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सरहुल में नहीं निकलेगा जुलूस, जिला प्रशासन के साथ बैठक में सरना समितियों ने दी सहमति, कोरोना के बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर लिया गया फैसला

मुख्य सरना स्थल पर पांच लोग कर सकेंगे पूजा-पाठ

कोविड-19 के दिशा निर्देशों और धारा 144 का अनुपालन अनिवार्य

रांचीः सरहुल पर्व के दौरान सरना समितियों द्वारा जुलूस/शोभायात्रा नहीं निकाला जायेगा. गुरुवार को उपायुक्त रांची छवि रंजन की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न सरना समितियों ने इस पर अपनी सहमति दी. समाहरणालय स्थित उपायुक्त सभागार में आयोजित बैठक में सिटी एसपी श्री सौरभ, अनुमंडल पदाधिकारी रांची सदर समीरा एस एवं विभिन्न सरना समितियों के अध्यक्ष एवं सदस्य उपस्थित थे.

कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लिया गया फैसला

कोरोना संक्रमण को देखते हुए सरहुल में जुलूस/शोभायात्रा निकालने को लेकर बैठक में गंभीरता पूर्वक विचार विमर्श किया गया. विभिन्न समितियों द्वारा एकमत होकर फैसला लिया गया गया कि इस बार जुलूस/शोभायात्रा नहीं निकाला जायेगा.

मुख्य सरना स्थल पर 05 लोग कर सकेंगे पूजा पाठ

सिरम टोली स्थित मुख्य सरना स्थल पर 05 लोगों को पूजा पाठ करने की अनुमति होगी. बैठक के दौरान ये निर्णय लिया गया कि विभिन्न मौजा से अधिकतम 05 लोग मुख्य सरना स्थल पर कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन करते हुए पहुंचेंगे और बारी-बारी से पूजा पाठ कर लौट जायेंगे. मुख्य सरना पर पूजा पाठ के दौरान कोरोना के दिशा निर्देशों का पालन किया जायेगा. इस दौरान ढोल नगाड़ा साथ लाने के अनुमति नहीं होगी, साथ ही अलग-अलग मौजा से अधिकतम 05 लोग पैदल न आकर वाहन से आयेंगे.

राज्य सरकार का आदेश लागू करने में सहयोग करें: उपायुक्त

बैठक के दौरान उपायुक्त श्री छवि रंजन ने कहा कि विभिन्न सरना समितियों को ही समाधान निकालना है. कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से जो आदेश दिया गया है उसे लागू करने में सरना समितियां सहयोग करें. कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहते हुए सरकार के दिशा निर्देशों का अनुपालन करतेे हुए पर्व मनायें.

बैठक के दौरान सिटी एसपी श्री सौरभ ने कहा कि वर्तमान स्थिति को देखते हुए कोरोना से संबंधित दिशा निर्देशों का पालन सभी समितियां करें, ये सबकी बेहतरी के लिए  है.