नई दिल्ली: हाथरस में युवती के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अब राजनीति तेज हो गई है. बीते गुरुवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को पीड़िता के परिवार से मिलने न दिए जाने को लेकर अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. ऐसे में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राहुल और प्रियंका पर निशाना साधते हुए इसे दोनों भाई-बहनों का राजनीति पाखंड करार दिया है.
राजस्थान घटना को लेकर कही ये बात
केंद्रीय मंत्री ने सवालिया निशान लगाते हुए पूछा कांग्रेस शासित राजस्थान में ऐसा ही एक जघन्य अपराध हुआ था, लेकिन तब इन दोनों भाई-बहन ने चुप्पी क्यों साध ली? राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत के एक बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रसाद ने कहा कि वह उनकी कहीं बातों पर गौर नहीं करते. मालूम हो कि गहलोत ने कहा था कि अगर बीजेपी के नेता उनके राज्य में आते तो वह उन्हें नहीं रोकते.
राजस्थान पर चुप क्यों थे राहुल प्रियंका
प्रसाद ने कहा, ‘मैं प्रियंका गांधी से पूछना चाहता हूं कि वह यूपी में 18 साल बेटी से रेप पर बड़ी-बड़ी बातें करती हैं. आप और आपके भाई राजस्थान पर चुप क्यों थे? वहां की रेप पीड़िताएं भी किसी की बेटियां थीं. यह राजनीतिक पाखंड है.’
इमरजेंसी को लेकर कही ये बात
दरअसल, हाथरस घटना को लेकर जिस तरह पुलिस द्वारा मीडिया को गांव में अंदर जाने से रोका जा रहा है. पीड़िता के परिजनों से मिलने नहीं दिया जा रहा है ऐसे में इस रोक की तुलना इमरजेंसी से की जा रही है. इसी से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए प्रसाद ने पलटवार किया कि आज सरकार में जो उच्च पदों पर हैं, चाहें राष्ट्रपति हों, प्रधानमंत्री हों या आपका अपना कानून मंत्री हो, सभी इमर्जेंसी से लड़ते हुए जेल गए थे.
उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की एसआईटी से जांच के आदेश दे दिए हैं. आरोपियों को गिरफ्तारी हो चुकी है. रेप हुआ था या नहीं, इसके बारे में भी यूपी पुलिस बता चुकी है. दरअसल, हाथरस घटना को लेकर लखनऊ में अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार का कहना है कि ‘एफएसएल की रिपोर्ट आ गयी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सैंपल में शुक्राणु नहीं मिले हैं. इससे स्पष्ट हो जाता है कि बलात्कार या सामूहिक बलात्कार नहीं किया गया.’ उन्होंने कहा कि घटना को लेकर पीड़िता द्वारा दिए गये बयान में भी अपने साथ बलात्कार होने की बात नहीं कही गई थी.
वहीं दूसरी ओर हाथरस मामले में विवाद की स्थिति बढ़ते देख इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने स्वतः संज्ञान लिया है. हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने अपर मुख्य सचिव (गृह), यूपी डीजीपी, एडीजी कानून-व्यवस्था, डीएम हाथरस, एसपी हाथरस से जवाब तलब किया है. 12 अक्टूबर की तारीख मुकर्रर की है. इसके साथ ही बेंच ने युवती के माता-पिता से अदालत आकर अपना पक्ष रखने की बात कही है.

